तो नहीं मिलेगी PF अकाउंट वालों को पेंशन!
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कर्मचारी भविष्य निधि खाताधारकों के लिए न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये प्रति माह देने की योजना को मंजूरी मिलने के छह माह बाद भी इसकी शुरूआत नहीं हो सकी है। फरवरी में इस प्रस्ताव पर केंद्र की मुहर लगी थी।
एक अप्रैल से इसे लागू किया जाना था। लेकिन नई सरकार के गठन के बावजूद योजना को अमलीजामा पहनाने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। इस अनदेखी से मजदूर संगठन नाराज हैं। वे इस मुद्दे पर 26 जून को होने वाली केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) के बैठक में श्रम मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से बातचीत करेंगे।
सीबीटी के सदस्य ब्रजेश उपाध्याय ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद न्यूनतम पेंशन लागू होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक इसकी सुगबुगाहट भी नहीं है।
न्यूनतम तीन हजार रुपए पेंशन की मांग थी
इसलिए सीबीटी की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। हालांकि पिछली सरकार में मजदूर संगठनों की ओर से न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपये मासिक करने की मांग की गई थी। इस मांग को वाजिब बताते हुए पूर्व श्रम मंत्री ने भविष्य में इस पर निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया था।
इसलिए अब तीन हजार रुपये न्यूनतम पेंशन का प्रस्ताव सीबीटी की बैठक में रखने की तैयारी है। भाजपा नेता भगत सिंह कोशियारी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति पहले ही न्यूनतम मासिक पेंशन तीन हजार रुपये तय करने की सिफारिश कर चुका है।
पीएफ पर मिलेगा नौ फीसदी ब्याज
इसके अलावा पेंशनरों के लिए मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने और वर्कर बैंक बनाने की मांग भी रखी जाएगी। हालांकि वित्त मंत्रालय ऐसे बैंक को तैयार करने पर सहमत नहीं है।
उपाध्याय ने कहा कि ईपीएफओ के पास पर्याप्त रकम है। इसलिए नए सिरे से इस पर चर्चा हो सकती है। श्रम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सीबीटी की बैठक में चालू वित्त वर्ष के लिए पीएफ जमा पर नौ फीसदी ब्याज देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
पिछले वित्त वर्ष में यह पौने नौ फीसदी थी। दरअसल पीएफ रकम के निवेश इस इस वर्ष बेहतर रिटर्न की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो ईपीएफओ के पास पर्याप्त रकम है। इसलिए नौ फीसदी ब्याज दर तय करना मुश्किल नहीं होगा।