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रेल बजट: नोएडा में इस बार सीटी बजने का मंसूबा बांधे हैं लोग
नोएडा/ब्यूरो
Updated Sat, 23 Feb 2013 11:52 PM IST
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दिल्ली के नजदीक और एनसीआर का महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद नोएडा रेल की सुविधा से वंचित है। सालों से उठ रही मांग के बाद भी यहां रेल की सीटी नहीं बज पाई है। नतीजतन, शहर के हजारों रेल यात्रियों को दिल्ली और गाजियाबाद के स्टेशनों की राह पकड़नी पड़ती है।
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नोएडा दूर-दराज के इलाकों से आए लाखों लोगों को रोजगार मुहैया करा रहा है। करीब 37 साल पहले अस्तित्व में आए इस शहर ने रिहायशी और व्यावसायिक तौर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है, लेकिन आज तक रेल जैसी अहम सुविधा इस शहर को नहीं मिल पाई। शहर के उद्यमी और यहां काम करने वाले लोग लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं।
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लोगों की मांग पर यहां रेलवे आरक्षण केंद्र तो शुरू हो गया, लेकिन एनसीआर की सीमा लांघकर रेल नोएडा में आ सके इसकी कोई योजना आज तक नहीं बन पाई। दो दिन बाद रेल मंत्री रेल बजट पेश करेंगे। ऐसे में लंबे अर्से से रेल के आने का इंतजार कर रहे नोएडावासियों ने इस बार कोई घोषणा होने का मंसूबा बांधे हुए हैं।
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माल ढुलाई होगा आसान
रेलवे लाइन की सुविधा न होना शहर के उद्योगों को भी काफी खल रहा है। माल ढुलाई का सबसे सस्ता साधन रेल को माना जाता है, लेकिन देश का बड़ा औद्योगिक शहर होने के बावजूद रेल का संचालन न होने से उद्योगों पर दोहरी मार पड़ रही है। मसलन, उद्योगपतियों को माल ढुलाई के लिए दादरी या फिर दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित कंटेनर यार्ड तक ट्रकों के जरिए अपना माल पहुंचाना पड़ता है।
जनप्रतिनिधि भी नहीं उठाते मुद्दा
रेल का किराया बढ़ने पर विरोध में माहौल गर्म हो जाता है, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि नोएडा में रेल की सुविधा न होने का मुद्दा आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं उठाया। आखिर इस मुद्दे को उठाने से नेता क्यों कतराते हैं, यह सवाल अपने आप में हैरान करने वाला है।
शहर से कितनी दूर रेलवे स्टेशन
नोएडा से गाजियाबाद ----- 20 किलोमीटर
नोएडा से पुरानी दिल्ली ----- 18.5 किलोमीटर
नोएडा से नई दिल्ली ----- 18 किलोमीटर
नोएडा से आनंद विहार ----- 13 किलोमीटर
नोएडा से निजामुद्दीन ----- 10 किलोमीटर
क्या कहते हैं शहर के लोग
उद्योगों पर पड़ रहा असर
'नोएडा देश का इंडस्ट्रियल हब बन गया है। किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था के लिए रेल सुविधा बहुत जरूरी है, लेकिन 1976 से लेकर आज तक उद्योगपतियों की मांग को नहीं सुना गया। रेल सुविधा न होने का असर औद्योगिक उत्पादन पर सीधा पड़ता है।'
- एनके खरबंदा, पूर्व अध्यक्ष-इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन
रेल से खुलेंगे तरक्की के रास्ते
'इस औद्योगिक नगरी को रेल सुविधा से हर बार दरकिनार कर दिया जाता है। अगर यह सुविधा नोएडा को मिलती है तो इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही उद्योगों से मिलने वाला राजस्व भी बढ़ जाएगा।'
- सुधीर गोयल, उद्योगपति
हर किसी के लिए जरूरी रेल
'नोएडा विश्व का जाना-माना शहर है। इस शहर में रेल जैसी सुविधा का न होना अपने आप में सोचने वाली बात है। रेल एक ऐसी सुविधा है जिससे गरीब से लेकर अमीर तक हर वर्ग का आदमी जुड़ा होता है। इस बार रेल बजट में शहर को यह सुविधा मिलनी ही चाहिए।'
- एके जैन, अध्यक्ष-आरडब्ल्यूए सेक्टर 34
रेल सेवाओं में हो सुधार
'रेल बजट के नाम पर केवल किराए में उतार-चढ़ाव ही नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन शहरों को भी रेल से जोड़ने की योजना बनाई जानी चाहिए जो अब तक इस सुविधा से वंचित हैं। नोएडा को अब और नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।'
- योगेंद्र कुमार, व्यापारी