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पेंशन के रुपयों को निकालें अपनी मर्जी से!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 18 Jan 2014 11:37 AM IST
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आने वाले दिनों में न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत गंभीर बीमारियों और दूसरी अहम जरूरतों के लिए पूंजी निकालना आसान हो सकता है। पेशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के नए प्रस्ताव के तहत एनपीएस में गंभीर बीमारियों के साथ-साथ, बच्चों के स्कूल की फीस, घर की खरीदारी आदि अहम जरूरत के लिए पूंजी निकालने की छूट मिल सकती है।
पीएफआरडीए द्वारा जारी किए गए ड्रॉफ्ट नोट के अनुसार वह इस तरह की जरूरतों के लिए एनपीएस स्कीम से पूंजी निकालने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में पीएफआरडीए ने अंतिम मसौदा तैयार करने से पहले सभी संबंधित लोगों से 15 फरवरी तक राय मांगी है।
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पीएफआरडीए के मसौदे के मुताबिक गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी की बीमारी, अंग प्रत्यारोपण जैसी बीमारियों के साथ-साथ, घर खरीदने और बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसी जरूरत के लिए स्कीम धारक को पूंजी निकालने का विकल्प मिलना चाहिए। पीएफआरडीए इस कदम के जरिए एनपीएस स्कीम को ईपीएफओ की तरह आकर्षक बनाना चाहता है, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग एनपीएस से जुड़ सकें। हालांकि पीएफआरडीए ने इस बात का भी प्रस्ताव किया है कि निवेशक कुल जमा राशि का 25 फीसदी से ज्यादा इन जरूरतों के लिए नहीं निकाल सकेंगे।
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मसौदे के तहत पीएफआरडीए ने कहा है कि निवेशक को यह सुविधा तभी मिलेगी जब उसने एपीएस में कम से कम 10 साल तक निवेश किया हो। इसके अलावा निवेशक एनपीएस स्कीम से पूंजी के लिए निवेश अवधि में केवल तीन बार राशि निकाल सकेगा। साथ ही राशि निकालने के लिए कम से कम पांच वर्ष का अंतराल होना चाहिए। हालांकि पांच साल की शर्त गंभीर बीमारियों के इलाज पर लागू नहीं होगी। पूंजी निकालने के नियम सख्त कर पीएफआरडीए निवेशकों को 60 साल के उम्र के बाद एक मुश्त राशि पाने की सुरक्षा देना चाहता है।