सूखे की वजह से अनाज उत्पादन में कमी

नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 30 Oct 2012 09:09 PM IST
pawar says reduction in grain production due to drought
केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार का कहना है कि रबी फसल की बेहतर संभावनाओं के चलते 2012-13 में करीब 25 करोड़ टन अनाज उत्पादन की उम्मीद है। हालांकि 2011-12 (जुलाई-जून) की तुलना में यह तीन फीसदी कम है। पिछले साल देश में 25.74 करोड़ टन अनाज का उत्पादन हुआ था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कई क्षेत्रों में पड़े सूखे की वजह से अनाज उत्पादन में कमी आई है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक कृषि मंत्रालय खरीफ की फसल (11.71 करोड़ टन) में 10 फीसदी की गिरावट मानकर चल रहा था, लेकिन रबी की फसल की बेहतर संभावनाओं से इसकी काफी हद तक भरपाई की जा सकेगी।

पवार ने खाद्य वितरण प्रणाली में सुधार के लिए आयोजित खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में कहा, ‘इस साल भले ही खरीफ फसल के उत्पादन में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है, मगर हमें उम्मीद है कि रबी की फसल की बेहतर संभावनाओं से हम 25 करोड़ टन के उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।’

पूर्वोत्तर भारत में चलाई जा रही हरित क्रांति की सफलता से खुश कृषि मंत्री ने कहा कि आगामी वर्षों में देश में धान के उत्पादन में वृद्धि देखने को मिलेगी। अनाज उत्पादन पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, ‘कुछ साल पहले कृषि मंत्री के तौर पर गेंहू का आयात करना मुझे काफी खलता था। मगर अब हमने उत्पादन के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हमने एक करोड़ टन से ज्यादा चावल और 30 लाख टन गेंहू निर्यात भी किया है।’

उन्होंने कहा कि अनाज की कुल उपलब्धता और इसका सही तरीके से वितरण देश की खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

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