रेल यात्रा करने वालों के लिए शुरू हुई है ये सुविधा
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा की सुविधा के लिए में एक और इजाफा किया है। ट्रेन में यात्रियों को डिस्पोजल बेडरोल्स दिए जाने की तैयारी कर दी है। टेक अवे बेडरोल्स सेवा का नाम दिया गया है।
कुछ स्थानों पर योजना शुरू भी कर दी गई है। जिसमें यात्रा समाप्त होने के बाद यात्री चाहें तो ट्रेन में सफर के दौरान रेलवे की ओर से उपलब्ध कराए गए चादर, तकिया और कंबल को अपने साथ ले जा सकेंगे।
रेलवे में बहुत पहले से डिस्पोजल बेड रोल्स (चादर तकिया और कंबल) देने की योजना पर काम चल रहा था। जिसे कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत यात्रियों को डिस्पोजल चादर, तकिया और कंबल दिए जाएंगे।
जिन्हें सफर में प्रयोग करने के बाद यात्री अपने साथ घर ले जा सकेंगे। इन बेड रोल्स को एक से ज्यादा बार प्रयोग किया जा सकता है। डिस्पोजल बेड रोल्स के यात्रा से पहले बुक कराने होंगे और इनके लिए अलग से भुगतान भी करना होगा।
अधिकांश यात्री रेलवे से मिलने वाले बेडरोल्स को शुद्ध नहीं मानते और अपने ही कपड़ों को प्रयोग करना पसंद करते हैं। जिसे देखते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सभी स्टेशनों पर होगी समान कीमत
स्टेशनों पर बेडरोल्स बुकिंग काउंटर खोले जाएंगे। जहां से सुबह छह बजे से रात दस बजे तक बुकिंग कराई जा सकेगी। बुकिंग के लिए पीएनआर देना होगा। जहां कंप्यूटर के माध्यम ये पीएनआर कंफर्म करने के बाद यात्री के लिए बेडरोल्स की बुकिंग कर दी जाएगी।
जिसकी सूचना ई मेल और मैसेज के माध्यम दी जाएगी। बुकिंग अधिकतम साठ दिन और न्यूनतम पांच दिन पहले तक होगी। इसमें दो प्रकार की किट उपलब्ध कराई जाएंगी।
एक किट में बेडरोल्स किट गैर बुने कपड़े के थैले में पैक होंगी, जिसमें दो सूती बेड सीट और एक तकिया होगा। जिसकी कीमत 140 रुपये रखी गई है। जबकि कंबल किट की कीमत 110 रुपये रखी गई है। सफर के बाद इन्हें घर ले जा सकते हैं।
टेक अबे बेडरोल्स की कीमत देश भर के सभी स्टेशनों पर समान रखी जाएगी। जल्द ही सभी स्टेशनों पर इसके लिए काउंटर खोले जाएंगे। जहां से बुकिंग कराई जा सकेगी। इसके साथ ही रेलवे अलग अलग जगह इनके निर्माण के लिए इकाई लगाएगी और आउटसोर्सिंग करेगी।