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एलपीजी पर राहत देने के पक्ष में संसदीय समिति

Tue, 06 Nov 2012 11:56 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 06 Nov 2012 11:56 PM IST
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parliamentary committee favor of subsidized lpg cylinders

रसोई गैस में लगी महंगाई की आग को भले ही यूपीए सरकार बुझाने के लिए कोई कदम उठाने से परहेज कर रही हो, मगर पेट्रोलियम मंत्रालय की संसदीय समिति ने इस फैसले के लिए सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया है। संसदीय समिति की बैठक में कांग्रेस सदस्यों ने भी सरकार को जमकर कोसा और सिलेंडरो की संख्या बढ़ाने की पुरजोर मांग की।

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मंगलवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मामलों की संसदीय समिति की बैठक में रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या को सीमित करने का मसला जोर शोर से उठा। बैठक में सभी पार्टियों के सांसदों ने सरकार के इस फैसले की जमकर धज्जियां उड़ाई।
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नई समिति की बैठक में जनरल प्रेजेंटेशन के दौरान सभी सदस्य इस बात पर एकमत थे कि सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। सभी पार्टियों के सदस्य इस बात पर सहमत थे कि संसदीय समिति को सरकार से रसोई गैस के सिलेंडरों की संख्या छह से बढ़ाकर 9 या 12 कर देने की सिफारिश करनी चाहिए।
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समिति के सदस्य और कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया बैठक में काफी मुखर रहे। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा कि सिलेंडरों की संख्या को घटाने और दाम में वृद्घि करने का सीधा असर गरीब आदमी पर पड़ रहा है। खासकर स्कूलों में मिड डे मील के तहत गरीब बच्चों को मिलने वाले भोजन की योजना हो या फिर छात्रावासों में सब्सिडी रेट पर मिलने वाली खाने की सुविधा, सब पर इसका असर पड़ा है।


सरकार के इस कदम से गरीब आदमी की थाली में छेद हो गया है। सूत्रों ने बताया कि संसदीय समिति इस मामले में पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों को भी आगामी बैठकों में तलब कर सकती है। साथ ही अपनी अंतिम रिपोर्ट में भी सरकार को इस मामले में जमकर आड़े हाथों ले सकती है। पुनिया ने अमर उजाला से बातचीत में बैठक में यह मामला उठाने की जानकारी दी। उनका कहना था कि सरकार को जनता को तुरंत राहत देनी चाहिए।

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