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मोबाइल फोन की चोर बाजारी का खुला रास्ता
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Sun, 03 Mar 2013 07:20 PM IST
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वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आम बजट में मोबाइल फोन की चोर बाजारी का रास्ता खोल दिया है। दरअसल, मोबाइल फोन हैंडसेट पर पांच फीसदी का टैक्स ठोक दिया गया है।
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वित्त मंत्री के ऐलान से अब दो हजार रुपये से ऊपर के मोबाइल फोन अब पांच फीसदी महंगे हो जाएंगे। कई साल से मंद पड़ा मोबाइल फोन का चोर बाजार यानी ग्रे मार्केट अब फिर गुलजार हो जाएगा। जबकि देश का मिडिल क्लास अब ग्रे मार्केट के चाइनीज फोन पर ही निर्भर रहेगा।
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अभी तक बड़ी कंपनियों के ब्रांडेड सस्ते फोन बाजार में उपलब्ध होने से उसे चोर बाजार में जाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। यही नहीं, सरकार के इस फैसले के बाद से नोकिया और सैमसंग अपने फोन के दाम बढ़ाने की तैयारी में है।
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राज्यों के अलग-अलग वैट की दरों की वजह से पहले ही मोबाइल हैंडसेट महंगे बिक रहे थे। वैट की वजह से नोकिया पहले ही अपने दाम बढ़ा चुका है। अभी देश में मोबाइल फोन हैंडसेट पर 15 फीसदी अलग-अलग टैक्स देना होता है।
मोबाइल कंपनियों ने सरकार से मांग की थी कि वह देशभर में वैट चार फीसदी कर दें। मगर उनकी बात नहीं मानी गई। इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने कहा है कि इससे नकारात्मक असर पड़ेगा।
साथ ही देश में स्मगलिंग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे फोन निर्माण कारोबार को नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही सरकार को भी टैक्स का चूना लगेगा।
दक्षिण दिल्ली के मोबाइल फोन डीलर जितेंद्र कुमार कहते है कि इस फैसले से तीन से चार हजार रुपये के फोन खरीदने वाले ग्राहकों को फर्क पड़ेगा। वहीं सैमसंग और ब्लैकबेरी जैसे महंगे फोन खरीदने वाले को दाम बढ़ने का कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसे किसी भी कीमत पर महंगा फोन खरीदना ही है।
दिल्ली की मशहूर ग्रे मार्केट गफ्फार मार्केट के एक विक्रेता ने कहा कि अब नोकिया और सैमसंग के फोन बिना बिल के खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि उन्हें बिना बिल के टैक्स नहीं चुकाने होंगे।