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'मुझे हटा दो, पर आरबीआई ही तय करेगा ब्याज दरें'

Sat, 10 May 2014 03:25 PM IST
Updated Sat, 10 May 2014 03:25 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने नई सरकार आने के बाद खुद को लेकर लगाए जा रहे, कयासों पर ये जवाब दिया है। कई दिनों से जद्दोजेहद के बाद आखिरकार आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने अपना रूख साफ कर दिया है। रघुराम राजन ने कहा कि सरकार चाहे तो मुझे हटा सकती है। पर ब्याज दरें बतौर आरबीआई गवर्नर मैं ही तय करूंगा।

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मैं स्वतंत्र हूं

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उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि सरकार मौद्रिक नीति को नहीं कर सकती है। राजन ने कहा‌ कि ब्याज दरें (मौद्रिक नीति) तय करने के लिए स्वतंत्र हूं।

किसी भी सरकार के साथ बात करने और सरकार की राय जानना ठीक है। पर मौद्रिक नीति मेरे द्वारा ही तय की जाएगी। यह बात उन्होंने स्विटजरलैंड के सेंट गैलन में एक संगोष्ठी के दौरान कही।

संगोष्ठी के दौरान आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन से यह प्रश्‍न पूछा गया था कि गवर्नर के पद पर आप के पास कितनी स्वतंत्रता और शक्ति है?

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सरकार का मिलता है समर्थन

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राजन ने बताया कि वित्त मंत्रालय के साथ लगातार आरबीआई की बातचीत होती रहती है। उन्होंने कहा कि आरबीआई मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है।

भारत में कुछ भी बड़ा करने से पहले हम सरकार के साथ बातचीत करते हैं कि हम ये करने जा रहे हैं और अधिकतर मौकों पर सरकार का हमें सरकार का समर्थन प्राप्त होता है।

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महंगाई दर को नीचे लाने पर जोर

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रघुराम राजन ने विश्‍वास जताते हुए बताया कि भविष्य सही नीतियों को अपना कर देश की विकास दर 7-8 फीसदी के स्तर को पार कर जाएगी। ऊंची विकास दर को पाना थोड़ा कठिन भी होगा।

उन्होंने कहा कि एक समय भारत की व‌िकास दर 9 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई थी। वैश्विक आर्थिक मंदी ने वर्ष 2008 में इस विकास दर को तोड़ कर 9 फीसदी से काफी नीचे ला दिया है।

वर्ष 2012-13 में विकास दर 4.5 फीसदी के स्तर पर ही थी। वर्ष 2013-14 में यह बढ़कर 4.9 फीसदी पर थी। चालू वित्त वर्ष मे विकास दर 5.5 फीसदी के स्तर पर रहने की उम्मीद है। रघुराम राजन ने कहा कि इस समय महंगाई को नीचे स्तर पर लाने की पूरी जरूरत है।

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