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ब्याज दरों में कम से कम एक फीसदी की कटौती हो : सूरी
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2014 10:15 AM IST
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नई सरकार के गठन के छह माह हो गए क्या उद्योगपतियों में कोई उत्साह आया है?
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उद्योगपतियों में सरकार के प्रति भरोसे का स्तर काफी ऊंचा है। उनका मूड अच्छा है। यह जरूर है कि उद्योग पर नई सरकार का फर्क अभी नहीं आया है। बजट आने वाला है। सबसे बड़ी बात है कि सरकार के मन में विकास की धारणा है। धारणा होने पर ही लक्ष्य तय होता है।
पिछले महीने के आईआईपी में गिरावट आई है, मैन्यूफैक्चरिंग कम हुआ है, ऐसे में मेक इन इंडिया का नारा कैसे सफल हो पाएगा?
मेक इन इंडिया का एरिया अति व्यापक है। इसके तहत विदेशी निवेशकों को भारत में मैन्यूफैक्चरिंग के लिए आकर्षित करना है। जहां तक घरेलू निवेश की बात है वह तभी बढ़ेगा जब उद्यमियों को बराबरी के मुकाबले का मौका मिलेगा। हमारी लागत अधिक है। ऐसे में हमसे कम कीमत पर बेचने वाले उत्पाद को ही लोग खरीदेंगे।
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फिर क्या किया जाना चाहिए?
ब्याज दरों में कटौती होनी चाहिए। हम तो सरकार से लगातार गुजारिश कर रहे हैं। उम्मीद है सरकार हमारी मांग पर ध्यान देगी।
आपके हिसाब से ब्याज दरों में कितनी कटौती होनी चाहिए?
पिछले सात-आठ सालों में ब्याज दरें दोगुनी हो गई हैं। ब्याज दरों में कम से कम एक फीसदी की कटौती से ही लागत पर कुछ फर्क पड़ेगा। इससे कम कटौती पर कोई फायदा नहीं है।
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लघु व छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए क्या होना चाहिए?
एसएमई को मदद देनी ही पड़ेगी। बड़े उद्योग को मदद की जरूरत नहीं होती है, लेकिन एसएमई को मदद दी जाएगी तो पूरे उद्योग जगत पर फर्क पड़ेगा।
मल्टीब्रांड रिटेल में सरकार ने एफडीआई को लागू नहीं किया और ई-रिटेल के प्रस्ताव को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया, आपका क्या मत है?
हम मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के खिलाफ नहीं है। सरकार ने एफडीआई का कई अध्याय खोला हुआ है। आटोमेटिक रूट से भी।
अभी महंगाई दर शून्य पर आ गई है, आईआईपी में भी गिरावट है, उद्योग के पक्ष में कोई फैसला नहीं हो रहा है। ऐसे में औद्योगिक विकास कैसे होगा?
सबसे बड़ी बात है नई सरकार ने हमारी समस्याओं को पहचाना है, उसे समझा है। हमें उन्हें (सरकार) समय देने की आवश्यकता है। सबकुछ धीरे-धीरे बेहतर हो जाएगा।
महिला होने के नाते आप महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए अलग से क्या करने जा रही हैं?
यह बहुत अच्छी बात है। महिलाओं को उद्योग में लाने के लिए हमारी तरफ से युवतियों के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। महिलाएं कई भूमिकाओं में होती हैं। ऐेसे में ग्रामीण इलाके के लिए या घरेलू महिलाओं के लिए कुटीर उद्योग के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित किया जा सकता है।