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बढ़ सकती है रियायती सिलेंडरों की संख्या

Fri, 02 Nov 2012 11:10 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 02 Nov 2012 11:10 PM IST
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number of subsidized cylinders may increase

गैर रियायती गैस सिलेंडर के मूल्य में हुए इजाफे को चंद घंटे के भीतर ही रोकने के बाद सरकार अब रियायती रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या छह से ज्यादा करने की गुंजाइश भी तलाश रही है।

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महंगाई के मुद्दे के साथ विधानसभा चुनाव में रसोई गैस सिलेंडरों पर लगे कैप से हो रहे सियासी नुकसान की खबरों को भांपते हुए कांग्रेस ने सरकार पर रियायती सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने का दबाव बनाया है। राजनीतिक नफा-नुकसान के इस आकलन के बाद सरकार के उच्चपदस्थ सूत्र रियायती गैस सिलेंडरों की संख्या मौजूदा छह से बढ़ाकर 9 से 12 के बीच किए जाने की संभावनाओं को नकार नहीं रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार राजनीतिक नेतृत्व के इन इरादों के मद्देनजर नए पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ऐसे विकल्प तलाशने में लगे हुए हैं जिससे एलपीजी कैपिंग से आहत आम आदमी को खुश करने के साथ सरकारी खजाने पर सब्सिडी के दबाव को भी कम किया जा सके।
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गौरतलब है कि यह राजनीतिक दबाव का ही नतीजा था कि बृहस्पतिवार को गैर रियायती रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 26.50 रुपये का इजाफा करने के कुछ ही घंटे के भीतर सरकार ने इसके अमल पर रोक लगा दी।

पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो सालाना उपयोग में आने वाले सब्सिडाइज सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। मंत्रालय ने तेल कंपनियों को यह निर्देश दिया है कि वे पुरानी कीमतों पर ही गैर रियायती घरेलू गैस की आपूर्ति करें और सरकार के अगले निर्देश तक इसी कीमत को तय माना जाएगा।


तेल कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि बाजार मूल्य से कम कीमत पर गैर रियायती घरेलू एलपीजी की बिक्री से कंपनी को नुकसान होगा। गौरतलब है कि दो दिन बाद हिमाचल प्रदेश और अगले माह गुजरात में विधानसभा चुनाव होना है। इसलिए कांग्रेस रसोई गैस के मुद्दे पर विरोधी दलों को किसी तरह की सियासी बढ़त लेने का मौका नहीं देना चाहती है। कांग्रेस शासित राज्यों ने पहले ही अपने राज्यों में तीन अतिरिक्त रियायती सिलेंडर का बोझ उठाने का ऐलान कर रखा है।

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