{"_id":"fc00a48a1e03ecadf0a3e4f57d6b3abe","slug":"ntpc-to-exit-from-jv","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत फोर्ज के साथ संयुक्त उपक्रम से हटेगी एनटीपीसी","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
भारत फोर्ज के साथ संयुक्त उपक्रम से हटेगी एनटीपीसी
ब्यूरो/अमरउजाला दिल्ली
Updated Thu, 17 Jul 2014 08:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगभग छह वर्ष तक उपक्रम के सफल होने का इंतजार करने के बाद एनटीपीसी लिमिटेड ने संयुक्त उपक्रम भारत फोर्ज-एनटीपीसी एनर्जी सिस्टेम्स लिमिटेड से निकलने का फैसला किया है।
विज्ञापन
पावर सेक्टर में सुस्ती के कारण यह उपक्रम वित्तीय रूप से वहनीय नहीं रह गया है। सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) के अधिकारियों का कहना है कि एनटीपीसी ने 2008 में एक मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के लिए बीएफएल के साथ जेवी बनाया था।
विज्ञापन
इस फैसिलिटी में हाई-इंड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट जैसे एडवांस्ड क्लास पंप्स, सीमलेस हाई प्रेशन पाइप्स, पाइपिंग सॉल्यूशंस, कास्टिंग और हाई एलॉय स्टील तैयार किया जाना था। लेकिन कोयले की कमी और भूमि अधिग्रहण जैसे मसलों के कारण पावर सेक्टर सुस्ती की गिरफ्त में आ गया। इसकी वजह से यह उपक्रम मुनाफे का सौदा नहीं रह गया। पावर सेक्टर को गैस और कोयले की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इससे कई पावर प्रोजेक्ट बेकार पड़े हैं। पिछले लगभग चार वर्षों से पावर सेक्टर में धारणा नकारात्मक बनी हुई है और इस स्थिति में बदलाव की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
विज्ञापन
भारत के पावर सेक्टर में सुस्ती के कारण टेक्नोलॉजी पार्टनर्स ने जेवी के साथ गठजोड़ करने से इनकार कर दिया या सेक्टर में निवेश करना मुनाफे का सौदा न होने के कारण रूचि नहीं दिखाई। यह कयास लगाया जा रहा था कि तीसरा पार्टनर टेक्नोलॉजी बैकअप के साथ पावर इक्युपमेंट बनाने के लिए उपक्रम में शामिल होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संयुक्त उपक्रम में भारत फोर्जे की हिस्सेदारी 51 फीसदी है जबकि शेष 49 फीसदी हिस्सेदारी एनटीपीसी के पास है। कंपनी की मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के सोलापुर में लगाई जाने वाली थी।