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पावर प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए एनटीपीसी का रोडमैप

Sun, 31 Aug 2014 11:23 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 31 Aug 2014 11:23 PM IST
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NTPC prepares global technology roadmap for its power plants

सस्ती दरों पर ज्यादा बिजली का उत्पादन करके देश में ऊर्जा संबंधी मांग को पूरा करने के लिए बिजली बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी एनटीपीसी एक व्यापक तकनीकी रोडमैप तैयार कर रही है। इस कवायद के तहत बिजली उत्पादन में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करके पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को भी कम से कम करने पर भी कंपनी का जोर है। कंपनी 2032 तक देश में बिजली उत्पादन में ग्लोबल स्तर की तकनीक अपनाने के लक्ष्य वाले इस तकनीकी रोडमैप पर सक्रियता के साथ काम कर रही है।

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सूत्रों के मुताबिक एनटीपीसी के इस तकनीकी रोडमैप में कार्यदक्ष और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर बिजली उत्पादन के स्तर को गुणवत्तापरक बनाने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। एनटीपीसी द्वारा बिजली उत्पादन से जुड़ी कई नई तरह की तकनीकों और प्रणालियों का इस्तेमाल किए जाने से इस दिशा में प्रगति भी देखने को मिल रही है। इनमें बेहतर ढंग से कोयले की ढुलाई, वितरण और प्रबंधन करने के लिए मेरी-गो-राउंड प्रणाली का प्रयोग और बिजली उत्पादन में उत्पन्न होने वाली राख (एश) को कम करने के लिए एश वाटर रिडक्शन सिस्टम का इस्तेमाल शामिल है।
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इसके अलावा कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम सहित कई अन्य सुपर क्रिटिकल तकनीकों का इस्तेमाल भी एनटीपीसी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा कंपनी की योजना अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल मानकों पर आधारित कोयला दहन इकाइयां (कोल फायर्ड यूनिट) स्थापित करने की योजना भी बना रही है। इसमें विश्वस्तरीय तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
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तकनीकी उन्नयन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए क्लीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एनटीपीसी ने 2013-14 में कई परियोजनाओं में आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाया है। इसका लक्ष्य संयंत्रों का क्षमता विस्तार करने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और कम लागत में बिजली उत्पादन करने वाली तकनीक के इस्तेमाल को आगे बढ़ाना है। इनमें सिंगरौली-2, कोबरा-1 व 2, रामागुंडम-1 व 2, फरक्का-2, दादरी थर्मल-1, ऊंचाहार-1 और तलचर एसटीपीस-1 परियोजनाएं शामिल हैं।


कंपनी को उम्मीद है कि तकनीकी उन्नयन का काम पूरा हो जाने पर इन संयंत्रों में भी नई उन्नत परियोनाओं की तरह बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। पिछले वित्त वर्ष के दौरान एनटीपीसी ने कावास प्लांट की चार में से दो और गंधार प्लांट की तीन में से एक गैस टर्बाइन के आधुनिकीकरण का काम पूरा किया है। एनटीपीसी के मुताबिक गैस आधारित इन परियोजनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 2014-15 में भी पैकेज दिया गया है।

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