महंगाई के लिए रहिए तैयार, खेला जा चुका खेल
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यूपीए सरकार के अंतिम दिनों में भी पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली गैस उत्पादन से जुड़ी कंपनियों पर मेहरबान दिख रहे हैं। उन्होंने कंपनियों को खुश करने का आखिरी दांव चल दिया है।
मोइली चाहते हैं कि चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्राकृतिक गैस की दोगुनी कीमत बीते एक अप्रैल से ही प्रभावी मानी जाए। उनकी यह मंशा देख पेट्रोलियम मंत्रालय ने चुनाव के दौरान ही एक प्रस्ताव आगे बढ़ाया है।
इसमें प्राकृतिक गैस की कीमत 4.2 डॉलर प्रति यूनिट से बढ़ाकर 8.4 डॉलर प्रति यूनिट पुरानी तय तिथि यानी बीते एक अप्रैल से ही लागू करने की बात कही गई है। वह इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर भी लगवा देना चाहते हैं।
नई सरकार लागू करेगी गैस की दोगुनी कीमत?
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव में पुरानी तिथि से गैस के दाम प्रभावी करने का प्रावधान है। हालांकि नई कीमत लागू होगी या इसमें कोई बदलाव होगा, इसका निर्णय नई सरकार को लेना है।
लेकिन मंत्रालय यह प्रस्ताव जल्दी ही कैबिनेट के सामने रखने की तैयारी में है। दरअसल, मोइली किसी भी तरह से गैस उत्पादन करने वाली कंपनियों को नाखुश नहीं करना चाहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि प्राकृतिक गैस की कीमत एक अप्रैल से लागू करने का फैसला कैबिनेट में पहले तय हो चुका है। इसमें बदलाव नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से नई सरकार पर गैस की दोगुनी कीमत लागू करने का दबाव बढ़ेगा। वहीं आम आदमी की जेब पर भी दोहरी मार पड़ेगी।
गौरतलब है कि भाजपा ने इस संदर्भ में विचार करना शुरू कर दिया है। ताकि पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनाने का मौका मिला तो मध्य मार्ग अपनाकर गैस उत्पादकों और बिजली और खाद बनाने वाली कंपनियों को खुश किया जा सके।