फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   now people can get jewellary on emi

EMI पर खरीद सकेंगे ज्वेलरी, जानिए कैसे?

Fri, 08 Aug 2014 08:50 AM IST
Updated Fri, 08 Aug 2014 08:50 AM IST
विज्ञापन
now people can get jewellary on emi

ईएमआई पर ज्वेलरी खरीदने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। त्योहारों के दौरान आपको ज्वेलरी कंपनियां नई स्कीम का ऑफर देने की तैयारी में हैं।

विज्ञापन


कंपनी मामलों के मंत्रालय ने ज्वेलरी कंपनियों को स्पष्ट कर दिया है कि वह नए कंपनी कानून के मुताबिक स्कीम लांच कर सकती हैं। हालांकि उन्हें पुरानी स्कीम को बंद करना होगा।
विज्ञापन


साथ ही यदि कंपनियों के बारे में सूचना मिलती है कि वह पुरानी स्कीम के मुताबिक किस्त ले रही हैं, तो उन पर कंपनी कानून के तहत कार्रवाई भी होगी।

नए कंपनी कानून से हुआ रास्ता साफ

now people can get jewellary on emi

इससे पहले 23 जून 2014 को कंपनी मामलों के मंत्रालय ने यह साफ कर दिया था कि पुरानी स्कीम चलाना अवैध है। इस स्कीम के तहत ज्वेलरी कंपनियां ग्राहकों को 12 किस्त चुका कर ज्वेलरी खरीदने का मौका देती थी।

इसमें 11 किस्त चुकाने पर एक किस्त से छूट का ऑफर ग्राहकों को दिया जाता था। कंपनी मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नए कानून में कंपनियां 12 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न नहीं दे सकती हैं।

साथ ही उनकी कुल जमाएं कंपनी के नेटवर्थ के मुकाबले 25 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती है। अभी तक जो भी स्कीम कंपनियों द्वारा चलाई जा रही थी, उसमें इन नियमों का उल्लंघन हो रहा था।

इसकी वजह से पुरानी ईएमआई स्कीम अवैध है। हालांकि कंपनियां नए कंपनी कानून के मुताबिक ईएमआई स्कीम को चला सकती हैं। नया कंपनी कानून एक अप्रैल 2014 से लागू हो चुका है।

अक्टूबर में लांच होगी स्कीम

now people can get jewellary on emi

इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक टाटा समूह की कंपनी टाइटन नए कानून के मुताबिक स्कीम को अक्तूबर में लांच करने की तैयारी में है। कंपनी ने मौजूदा स्कीम को बंद कर दिया है। वह अपने रिटेल आउटलेट के जरिए किस्त जमा कर रहे ग्राहकों की पूंजी भी लौटा रही है।

इंडस्ट्री के मुताबिक अभी कंपनियां नई स्कीम को लागू करने के नियमों का आंकलन कर नई स्कीम बना रही हैं। हालांकि एक बात तय है कि इसके तहत कंपनियां एक निश्चित सीमा तक ही पूंजी जुटा सकेंगी। साथ ही किस्त पर छूट देना भी कंपनियों के लिए मुश्किल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed