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भारत में कारोबार को लेकर ठंडा पड़ा वालमार्ट का उत्साह
मुंबई/एजेंसी
Updated Mon, 08 Jul 2013 08:44 PM IST
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वर्षों से भारत के विशालकाय रिटेल बाजार में कदम रखने का इंतजार कर रही अमेरिका की दिग्गज मल्टी ब्रांड रिटेल कंपनी वालमार्ट का भारत में कारोबार शुरू करने का उत्साह अब ठंडा पड़ गया है।
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देश में लाल फीताशाही और भ्रष्टाचार की दुहाई देते हुए कंपनी अब भारतीय बाजार में कदम रखने से हिचकिचा रही है।
वालमार्ट की भारतीय इकाई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कंपनी द्वारा मार्च भारत में अपना पहला रिटेल स्टोर खोलने के लिए 2015 से पहले आवेदन करने की कोई संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
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वालमार्ट का कहना है कि रिटेल स्टोर खोलने के लिए सरकारी की ओर से मंजूरी मिल जाने के बाद उसे अपने हर स्टोर की शुरुआत के लिए 12 से 18 माह का वक्त और लगेगा। इसे देखते हुए भारत में उसका पहला स्टोर 2016 से पहले खुलने की संभावना नजर नहीं आ रही है।
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दूसरी ओर देश में थोक बिक्री के कैश एंड कैरी कारोबार में वालमार्ट के साथ साझा उपक्रम भारती वालमार्ट को चला रही उसकी सहयोगी कंपनी भारती इंटरप्राइजेज भी इस कारोबार में मुनाफा कमाने के लिए भारी-भरकम निवेश की जरूरत को देखते हुए अपने कदम पीछे खींचने के मूड में बताई जा रही है।
हालांकि भारती इंटरप्राइजेज के प्रवक्ता ने इसे नकारते हुए साझा उपक्रम के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई है। वालमार्ट की प्रवक्ता ने भी इन खबरों को महज एक अटकल बताया है।
गौरतलब है कि सितंबर 2012 में सरकार द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की राह खोलते हुए विदेशी रिटेल कंपनियों के लिए अपने भारतीय उपक्रम में हिस्सेदारी खरीद कर प्रमुख हिस्सेदार बनने का रास्ता खोला था।
उस वक्त उम्मीद की जा रही थी कि वालमार्ट भारतीय बाजार में अपनी गहरी पैठ बनाने के लिए जल्दी से जल्दी देशभर में अपने रिटेल स्टोर खोलने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।
इसके विपरीत भारत में कदम रखने से पूर्व ही वालमार्ट पर लाबिंग करने के आरोप और उसकी भारतीय इकाई के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज जैन (सीईओ) द्वारा कंपनी छोड़ देने जैसी दिक्कतें एक के बाद एक उस पर आती रहीं। जैन के बाद कंपनी ने रमणीक नरसी को सीईओ नियुक्त किया।