{"_id":"17d99fa4-81b5-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"now-easier-to-increase-business-for-sme","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएमई से बाहर होने पर भी मिलेगा फायदा","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
एसएमई से बाहर होने पर भी मिलेगा फायदा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 28 Feb 2013 08:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए कारोबार बढ़ाना अब आसान हो सकेगा। कारोबारी अपने कारोबार के लिए एमएसएमई वर्ग से बाहर निकलने के बाद भी एसएमई को मिलने वाले नॉन टैक्स फायदे का लाभ उठा सकेंगे।
विज्ञापन
वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने साल 2013-14 के आम बजट में छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए यह प्रावधान की बात कही है। यहीं नहीं कारोबारी बिना आईपीओ लाए ही एसएमई एक्सचेंज में सूची बद्ध हो सकेंगे। इसके अलावा आम बजट में फैक्टरिंग सर्विसेज के लिए 500 करोड़ रुपये का क्रेडिट गारंटी फंड बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो एंड स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के अध्यक्ष वी.के.अग्रवाल के अनुसार कारोबारियों को एमएसएमई वर्ग से बाहर होने के बाद भी पहले तीन साल में गैर टैक्स फायदे का लाभ कारोबारी को मिलने से उसे सरकारी खरीद नीति, क्रेडिट गारंटी, मार्केटिंग डेवलपमेंट स्कीम, आईपीआर आदि एसएमई को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा।
विज्ञापन
आईपीओ के बिना कारोबारी एक्सचेंज में कर सकेंगे लिस्टिंग
छोटे और मझोले कारोबारियों बिना आईपीओ लाए ही एसएमई एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो सकेंगे। सरकार इस कदम के जरिए कारोबारियों को पूंजी जुटाने का विकल्प देना चाहती है। अभी तक बीएसई और एनएसई ने एसएमई प्लेटफार्म शुरु किए है। पर निवेशकों और कंपनियों की बेरुखी की वजह से अभी 10 से कम कंपनियों ने लिस्टिंग की है।
फैक्टरिंग सर्विसेज के लिए बनेगा क्रेडिट गारंटी फंड
छोटे कारोबारियों को बड़ी कंपनियों से भुगतान में होने वाली देरी का खामियाजा नहीं भुगतान पड़ेगा। आम बजट में किए गए प्रावधान के जरिए फैक्टरिंग सेवाओं के लिए कर्ज लेने वाले कारोबारियों को गारंटी मिलेगी। जिससे उन्हें कर्ज मिलना आसान हो सकेगा। सरकार इसके तहत सिडबी के साथ 500 करोड़ रुपये का गारंटी फंड बनाएगी। कारोबारी फैक्टरिंग सेवाएं देने वाली कंपनियों से फंड के बदले आसानी से भुगतान समय पर ले सकेंगे।
बनेंगे 15 नए टूल रूम
बारहवीं योजना में 15 नए टूल रूम और टेक्नॉलजी डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाएंगे, जोकि छोटे और मझोले उपक्रमों के विकास के लिए होंगे। इसके लिए 2250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही इंडिया माइक्रोफाइनेंस इक्विटी फंड के लिए 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त राशि का आवंटन किया गया है। सिडबी को इसी तरह रिफाइनेंस के लिए कुल 10 हजार करोड़ रुपये राशि का प्रावधान किया गया है। कॉरपोरेट के लिए दो फीसदी सीएसआर प्रावधान में एसएमई के लिए इनक्यूबेटर बनाने और अकादमी संस्थान को भी शामिल किया जाएगा। जिसका फायदा छोटे कारोबारियों को मिलेगा। खादी ग्रामोद्योग आयोग द्वारा चलाई जा रही स्फूर्ति स्कीम के तहत 12 वीं योजना में 800 क्लस्टर बनेंगे।