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हवा-हवाई हुआ वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन का सपना
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 25 Feb 2013 08:17 AM IST
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रेल बजट पेश होने का काउंट डाउन शुरू हो गया है। कल (मंगलवार) एक और बजट आपके सामने होगा, लेकिन चार साल पहले पेश बजट में की गई घोषणा अभी भी अधर में है। इस कड़ी में वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने का सब्जबाग हवा-हवाई साबित हुआ है। इसके लिए एक विभाग का गठन कर खानापूर्ति जरूर की गई है, मगर डीपीआर बनाने का काम अभी भी जारी है।
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रेल बजट (2009-10) में दिल्ली के तीन स्टेशन समेत देश भर के 50 स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने की घोषणा की गई। इसके बाद जो बजट आया, उसमें आदर्श स्टेशन की संख्या बढ़ा दी गई। दिल्ली में नई दिल्ली, आनंद विहार और बिजवासन स्टेशन को वर्ल्ड क्लास के रूप में विकसित करने को कहा गया।
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इसके लिए कवायद तो शुरू हुई, लेकिन योजना अंजाम तक नहीं पहुंची। बिजवासन और आनंद विहार के लिए तो कई बार टेंडर निकले, लेकिन काम दो एक कदम आगे, दो कदम पीछे वाला साबित हुआ।
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन प्रोजेक्ट फाइलों में ही दब कर रह गया। बजट में 375 से अधिक स्टेशनों को आदर्श स्टेशन बनाने की बात कही गई। इनमें एनसीआर का गुड़गांव, सब्जी मंडी, सोनीपत, पानीपत, मेरठ कैंट और ऊधमपुर भी शामिल हैं, लेकिन यहां भी कुछ नहीं हो सका।
वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाए जाने को लेकर रेलवे अधिकारी भी चुप्पी साध लेते हैं। कभी यह हवाला दे दिया जाता है कि तकनीकी दृष्टि से अभी काम शुरू नहीं हुआ है तो कभी दिल्ली के स्थानीय निकाय द्वारा हरी झंडी नहीं मिलने की बात कही जाती है। सूत्रों की अगर मानें तो पीपीपी मॉडल पर होने वाले इस विकास में कोई बड़ी एजेंसी रुचि नहीं ले रही है।
एंबुलेंस, ट्रेन में डॉक्टरों की सुविधा नहीं
बजट में राजधानी के स्टेशनों पर एंबुलेंस सेवा और लंबी दूरी की ट्रेन में डॉक्टरों की सुविधा शुरू करने का वादा किया गया था, लेकिन इन योजनाओं पर भी कोई काम नहीं हुआ है। अगर दुरंतो ट्रेन को छोड़ दें तो आज भी हजारों ट्रेन में यात्री डॉक्टरों से महरूम रहते हैं।
हां, इतना जरूर किया गया है कि यात्रा टिकट में जो डॉक्टर कुछ छूट लेते हैं, उन्हें ट्रेन में यह सुविधा देने की अनिवार्यता कर दी गई है। वहीं पिछले प्लेटफॉर्म पर दुर्घटना में दो व्यक्तियों के मौत गई थी। इसे ही देखते हुए अब प्लेटफॉर्म पर एक कमरा निर्धारित कर दिया गया है, जहां आपात स्थिति के लिए स्ट्रैचर, गैस कटर, ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था की गई है।