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नो फ्रिल एयरपोर्ट की योजना से उत्तर भारत गायब
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
Updated Tue, 09 Sep 2014 09:00 PM IST
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केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद भी उत्तर भारत में नए एयरपोर्ट के विकास का मामला आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा है।
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केंद्रीय नागर विमानन मंत्री अशोक गजापति राजू ने इस साल देश में पांच नो फ्रिल (कम सुविधाओं वाले) एयरपोर्ट विकसति करने का ऐलान किया है। जिनमें उत्तर भारत का एक भी एयरपोर्ट शामिल नहीं है। जबकि कर्नाटक के हुबली और बेलगाम दो एयरपोर्ट योजना में शामिल हैं।
राजस्थान के किशनगढ़, उड़ीसा के झारसुगुडा और अरुणाचल प्रदेश के तेजु में भी इस तरह के एयरपोर्ट बनाए जाएंगे।
मोदी सरकार के सौ दिनों की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए केंद्रीय विमानन मंत्री ने देश के टियर-2 व 3 शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने की योजना का ऐलान किया है।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस साल पांच नो फ्रिल एयरपोर्ट का विकास कार्य शुरू करेगी। गौरतलब है कि यूपीए सरकार के समय देश में 50 छोटे एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें यूपी के 9 एयरपोर्ट शामिल थे। लेकिन केंद्र की सरकार बदलते ही एयरपोर्ट की योजना से उत्तर भारत खासकर यूपी गायब नजर आ रहा है।
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एमओयू के बावजूद यूपी की सुध नहीं
यूपी में 7 हवाई अड्ड के विकास के लिए गत २१ फरवरी को एयरपोर्ट अथॉरिटी और यूपी सरकार के बीच एमओयू हो चुका है। राज्य सरकार मेरठ, मुरादाबाद और फैजाबाद की हवाई पट्टिïयों को एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंप चुकी है। मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक तीनों एयरपोर्ट पर अथॉरिटी ने स्टॉफ की नियुक्ति नहीं की है।
यात्रियों को मिलेगी अधिकारों की जानकारी
हवाई यात्रियों को एयरलाइंस की मनमानी से बचाने के लिए डीजीसीए ने एक वेब पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए यात्रियों को फ्लाइट रद्द होने, लेट होने या सामान गायब होने की स्थिति में अपने अधिकारों की जानकारी मिल सकेगी। इस पोर्टल के जरिए यात्री एयरलाइंस से जुड़ी अपनी शिकायतें भी विमानन नियामक को भेज सकते हैं।
एयरलाइंस को बेलआउट पैकेज नहीं
नागर विमानन मंत्री अशोक गजापति राजू ने साफ कहा है कि वित्तीय संकट से जूझ रही प्राइवेट एयरलाइंस को राहत पैकेज देने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन एयरलाइंस के खर्च में कमी के लिए सरकार जेट फ्यूल पर लागू टैक्स में कमी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हवाई अड्डïो के निजीकरण की प्रक्रिया को भी जारी रखने के संकेत दिए हैं।