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चालू खाता घाटा पहुंच सकता है 4.9 फीसदी तक
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 18 Oct 2012 06:47 PM IST
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वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी नोमुरा ने सितंबर तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की आशंका जताई है। नोमुरा के आंकलन के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। मार्च में समाप्त आखिरी तिमाही में विदेशी निवेशक घरेलू शेयर बाजार में जहां 12.6 अरब डॉलर के लिवाल रहे, वहीं अप्रैल-जून तिमाही में यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई।
अर्थव्यवस्था में सुस्ती, व्यापार संतुलन बिगड़ने और नीतिगत स्तर पर सरकारी ढिलाई की वजह से विदेशी निवेशकों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है, जिससे इस अवधि में विदेशी पूंजी प्रवाह धीमा रहा। जुलाई से अब तक विदेशी निवेशकों ने बाजार में कुल 10.6 अरब डॉलर की खरीद की है। सरकार की ओर से आर्थिक सुधारों की पहल से इसमें कुछ तेजी जरूर आई है, लेकिन यह उम्मीद से बहुत कम है।
आर्थिक सुधारों का तत्काल कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिखने से भी निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। नोमुरा का कहना है कि इसका असर रुपये पर पड़ सकता है और डॉलर के मुकाबले हाल फिलहाल इसमें आई तेजी सुस्त पड़ सकती है। अक्तूबर में 51.32 रुपये प्रति डॉलर की मजबूती के साथ छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा रुपया गत सप्ताह साढे़ तीन महीने की गिरावट पर रहा। मौजूदा समय भी इस पर दबाव बना हुआ है।
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अर्थव्यवस्था में सुस्ती, व्यापार संतुलन बिगड़ने और नीतिगत स्तर पर सरकारी ढिलाई की वजह से विदेशी निवेशकों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है, जिससे इस अवधि में विदेशी पूंजी प्रवाह धीमा रहा। जुलाई से अब तक विदेशी निवेशकों ने बाजार में कुल 10.6 अरब डॉलर की खरीद की है। सरकार की ओर से आर्थिक सुधारों की पहल से इसमें कुछ तेजी जरूर आई है, लेकिन यह उम्मीद से बहुत कम है।
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आर्थिक सुधारों का तत्काल कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिखने से भी निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। नोमुरा का कहना है कि इसका असर रुपये पर पड़ सकता है और डॉलर के मुकाबले हाल फिलहाल इसमें आई तेजी सुस्त पड़ सकती है। अक्तूबर में 51.32 रुपये प्रति डॉलर की मजबूती के साथ छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा रुपया गत सप्ताह साढे़ तीन महीने की गिरावट पर रहा। मौजूदा समय भी इस पर दबाव बना हुआ है।
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