ईएमआई पर नहीं मिली राहत, अच्छे दिन का इंतजार
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 8 फीसदी, नकद आरक्षित अनुपात(सीआरआर) को 4 फीसदी पर बरकरार रखा है। प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं होने से आपकी होम लोन, कार लोन सहित दूसरे कर्ज की ईएमआई को किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
रिजर्व बैंक को इसके अलावा अगले एक-दो महीने में महंगाई कम होने की तो उम्मीद है, लेकिन नए साल में एक बार खाद्य महंगाई दर में बढ़ोतरी की आशंका है, इसे देखते हुए ऐसा अनुमान है कि रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष में सस्ते कर्ज की उम्मीद को झटका दे सकता है।
साल 2015-16 में 6.3 फीसदी विकास दर मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.7 फीसदी विकास दर (जीडीपी रेट) रहना उम्मीदों से ज्यादा है। रिजर्व बैंक को चालू वित्त वर्ष में 5.5 फीसदी और अगले वित्त वर्ष में 6.3 फीसदी विकास दर रहने की उम्मीद है।
कंपनी के डायरेक्टर पर भी कसेगी नकेल जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों के लिए रिजर्व बैंक सख्त कानून की रूप रेखा तैयार कर रहा है। इसके तहत विलफुल डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों के डायरेक्टर की भी जवाबदेही तय होगी।
जन-धन योजना की सराहना वित्तीय समावेशन के लिए शुरू की गई जन-धन योजना की आरबीआई गवर्नर ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि छोटे खाते खोलने के लिए केवाईसी मानकों को लेकर कोई चिंता नही है। इसके पहले आरबीआई गवर्र्नर भारी मात्रा में खुल रहे खातों और केवाईसी मानकों को लेकर चिंता जता चुके थे।
केवीआई के लिए ग्राहक नहीं होंगे परेशान रिजर्व बैंक ने बैंकों को कहा है कि वह ऐसे ग्राहक जिनका बैंक में खाता है, और उनका केवाईसी अपडेट किया जा रहा है। ऐसे ग्राहकों को बैंक कोशिश करें कि बिना बैंक में उनको बुलाए अपग्रडेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाय।
आयातकों को राहत पुराने कारोबारी रिकार्ड के आधार पर आयातक विदेशी मुद्रा की 100 फीसदी तक हेजिंग कर सकेंगे। अभी यह सीमा 50 फीसदी थी। जो कि पिछले तीन साल के औसत कारोबार के आधार पर तय होती थी।
प्रमुख बातें-- 1..रेपो रेट 8 फीसदी, सीआरआर 4 फीसदी पर बरकरार 2. एसएलआर में कोई बदलाव नहीं 3. पेमेंट बैंक की गाइडलाइन नवंबर तक 4. घरों की कीमतों में भी सकारात्मक सुधार
रिजर्व बैंक ने अपने कदम पर कहा है कि अभी भी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (रिटेल महंगाई दर) ज्यादा है, साथ ही जनवरी से मार्च के दौरान खाद्य महंगाई दर में और बढ़ोतरी की आशंका है। जिस कारण प्रमुख दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।
द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा नीति को पेश करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भले ही थोक महंगाई दर कम हुई है, उसके बावजूद अभी भी खाद्य महंगाई दर में बढ़ोतरी का जोखिम बना हुआ है। हालांकि जनवरी 2016 तक इसके 6 फीसदी तक आने की अभी भी उम्मीद है।