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हमें बड़ी-बड़ी घोषणाओं की जरूरत नहीं : राजन
एजेंसी
Updated Tue, 14 Oct 2014 08:51 AM IST
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देश की अर्थव्यवस्था की रिकवरी में फिलहाल असमानता की बात स्वीकार करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 5 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद जताई है।
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उन्होंने अगले वित्त वर्ष में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई है। राजन ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाओं की जरूरत नहीं, सुधार में निरंतरता बनाए रखना इसके लिए काफी है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
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अमेरिका के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंस में आयोजित कार्यक्रम में राजन ने कहा कि वह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बारे में बहुत चिंतित नहीं हैं क्योंकि भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है।
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उन्होंने कहा कि यह अभी भी असमान आर्थिक सुधार है, इसलिए मेरा अनुमान है कि यह तिमाही पिछली तिमाही के मुकाबले थोड़ी कमजोर होगी, लेकिन मेरा मानना है कि इस साल की शेष अवधि में हम ठोस रूप से पांच प्रतिशत की वृद्धि और अगले साल हम मजबूती से छह प्रतिशत के दायरे में होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत में बहुत बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने की जरूरत नहीं है। हमें केवल सुधार में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत है। इसके तहत कोयला और गैस क्षेत्र की समस्याओं को सुधार कर रिकवरी में सुधार लाया जा सकता है। इससे अर्थव्यवस्था वापस पटरी पर आ सकती है।
उन्होंने कहाकि भारत के आर्थिक हालात के बारे में अच्छी बात यह है कि स्थिति को सुधारने के लिए काफी काम किया जा चुका है और जल्द ही उसके फल हमें प्राप्त होने शुरू हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि एक बड़ा सवाल यह जरूर उठाया जा यह सब कुछ पहले क्यों नहीं किया गया, पर मेरा मानना है कि इस समय इस समय से देश में इस सबके लिए सही माहौल और इच्छा शक्ति दोनों ही मौजूद हैं। इसके बावजूद बहुत बड़ी-बड़ी घोषणाएं इसलिए सुनने को नहीं मिल रही हैं कि फिलहाल हमें इसकी कोई जरूरत नहीं है।
हमें केवल ऐसे आधारभूत काम करने हैं, जो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएं। यह बात उन्होंने एक सवाल के जवाब में कही, जब उनसे पूछा गया कि नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने पर तेज आर्थिक रिकवरी को लेकर लोगों की ऊंची अपेक्षाओं को कहां तक पूरा किया जा सकता है।