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बिजली न बैटरी, फिर भी काम करता है यह फ्रिज

Wed, 10 Oct 2012 12:46 AM IST
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 10 Oct 2012 12:46 AM IST
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no battery and electric it still works fridge
सुनकर अचरज होना स्वाभाविक है पर वैज्ञानिकों ने ऐसा फ्रिज बनाया है जो बिना बिजली और बैटरी से चलता है। इस फ्रिज में गाजर 20 दिन, बैंगन 21 दिन, अमरूद व टमाटर 20 दिन, पत्तीदार हरी सब्जियां पांच दिन तक तरोताजा रखी जा सकती है। इसके अलावा दूध को सात घंटों तक और अंडों को दस दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसकी एक यूनिट को बनाने में 125 रुपये से भी कम का खर्च आ रहा है।
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इस फ्रिज को बनाया है कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय (कटिया) की वैज्ञानिक डॉ. सौरभ ने। मिट्टी के दो गमलानुमा बर्तनों से तैयार किया गया यह फ्रिज वाष्पन द्वारा पात्र के अंदर का तापमान वातावरण से कम रखने में सक्षम होता है। कृषि विज्ञान केंद्र के आसपास के गांवों कटिया, पडिरिया तथा ओरीपुर आदि में यह देशी फ्रिज तेजी से लोकप्रिय भी हो रहा है।
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कृषि वैज्ञानिक श्रीमती सौरभ बतातीं हैं कि यह फ्रिज मिट्टी के दो गमलानुमा बर्तनों वाह्य व आंतरिक बर्तन से बना है। इसमें से बाहरी बर्तन के मुकाबले अंदर का बर्तन आकार में छोटा होता है। बाहरी बड़े बर्तन के अंदर छोटे वाले बर्तन को इस तरह से रखा जाता है कि दोनों बर्तनों के बीच कम से कम 3 सेमी की दूरी बनी रहे।
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इस मिट्टी के फ्रिज को बनाने के लिए सबसे पहले बाहरी बर्तन में रेत की एक लगभग 5 सेमी मोटी तह बिछाते हैं, जिससे अंदर का पात्र ऊंचाई में बाहरी पात्र के बराबर हो जाए। उसके बाद अंदर के बर्तन को बाहरी बर्तन में रखकर दोनों बर्तनों के बीच में बालू (रेत) भर देते हैं। अब इस रेत में पानी तब तक डालते है जब तक रेत पानी को सोखती रहे।

इसके बाद इसके अंदर के बर्तन में फल, सब्जियां, दूध, अंडे आदि रख कर जूट के कपड़े को या जूट की बोरी को दो तीन तह लगाकर पानी से भिगोकर इसके ऊपर ढंक देते हैं। बाद में इसके ऊपर एक तीसरे कटोरेनुमा मिट्टी के बर्तन को ढक देतें हैं। लीजिए, तैयार हो गया बिना बिजली और बिना बैटरी के चलने वाला देसी फ्रिज।


कुछ यूं तरोताजा रहती है सब्जियां
इस देसी फ्रिज के तैयार होने के करीब एक घंटे में अंदर के बर्तन का तापमान बाहर के तापमान से लगभग 6 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है। समय के साथ ही साथ अंदर के बर्तन का तापमान घटता रहता है, जिससे इसमें फल, सब्जियां, दूध या दही का बर्तन रख सकते हैं। समय-समय पर रेत में पानी डालते रहना होता है तथा जूट के कपड़े को भिगोकर रखना होगा। बिना बिजली का यह फ्रिज बर्फ तो नहीं बना सकता परंतु फल, सब्जियों की भंडारण क्षमता को बढ़ाता है। इसके बर्तनों को कोई भी कुम्हार आसानी से बना सकता है।
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