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एयरपोर्ट विकास शुल्क के नाम पर नहीं कटेगी जेब
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Oct 2012 08:14 PM IST
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नए साल से दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले लोगों की जेब एयरपोर्ट विकास शुल्क (एडीएफ) के नाम पर नहीं कटेगी। यह शुल्क सिर्फ इन दो एयरपोर्ट पर ही वसूला जाता है। केंद्र सरकार ने आगामी एक जनवरी से एडीएफ समाप्त करने की तैयारी कर ली है, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट से घरेलू यात्रा 200 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रा 1300 रुपये सस्ती हो जाएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर एडीएफ समाप्त करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को दोनों हवाई अड्डों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत एएआई जल्द ही एक प्रस्ताव एयरपोर्ट इकनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (एईआरए) को भेजेगी। इन दोनों एयरपोर्ट को निजी और सरकारी क्षेत्र की भागीदारी में विकसित किया गया है, जिसके एवज में यात्रियों से यह विकास शुल्क लिया जाता है।
एडीएफ खत्म होने से मुंबई एयरपोर्ट पर भी घरेलू यात्रियों को 100 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 600 रुपये की बचत होगी। लेकिन इस प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर करीब 4200 करोड़ रुपये और दिल्ली एयरपोर्ट पर 1175 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसकी भरपाई सरकार इन एयरपोर्ट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर करना चाहती है। एडीएफ खत्म होने की सूरत में एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनियों को भी निवेश बढ़ाना होगा। अजित ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को मुंबई एयरपोर्ट में 288 करोड़ रुपये और दिल्ली एयरपोर्ट में 102 करोड़ रुपये के शेयर खरीदने को कहा है।
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मालूम हो कि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों से वसूले जाने विकास शुल्क के खिलाफ इंडियन एयरलाइंस फेडरेशन ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एडीएफ पर रोक नहीं लगाई लेकिन इस पर कई सवाल जरूर खड़े किए थे, जिसके बाद सरकार ने कोलकाता और चेन्नई एयरपोर्ट पर इस तरह का शुल्क नहीं वसूलने का फैसला किया।
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नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर एडीएफ समाप्त करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को दोनों हवाई अड्डों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत एएआई जल्द ही एक प्रस्ताव एयरपोर्ट इकनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (एईआरए) को भेजेगी। इन दोनों एयरपोर्ट को निजी और सरकारी क्षेत्र की भागीदारी में विकसित किया गया है, जिसके एवज में यात्रियों से यह विकास शुल्क लिया जाता है।
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एडीएफ खत्म होने से मुंबई एयरपोर्ट पर भी घरेलू यात्रियों को 100 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 600 रुपये की बचत होगी। लेकिन इस प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर करीब 4200 करोड़ रुपये और दिल्ली एयरपोर्ट पर 1175 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसकी भरपाई सरकार इन एयरपोर्ट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर करना चाहती है। एडीएफ खत्म होने की सूरत में एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनियों को भी निवेश बढ़ाना होगा। अजित ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को मुंबई एयरपोर्ट में 288 करोड़ रुपये और दिल्ली एयरपोर्ट में 102 करोड़ रुपये के शेयर खरीदने को कहा है।
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मालूम हो कि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों से वसूले जाने विकास शुल्क के खिलाफ इंडियन एयरलाइंस फेडरेशन ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एडीएफ पर रोक नहीं लगाई लेकिन इस पर कई सवाल जरूर खड़े किए थे, जिसके बाद सरकार ने कोलकाता और चेन्नई एयरपोर्ट पर इस तरह का शुल्क नहीं वसूलने का फैसला किया।