एनजीओ को मिल सकती है कमाई की छूट
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एक ओर जहां कॉरपोरेट घराने गैर-सरकारी संस्थाएं (एनजीओ) खोलकर सामाजिक क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाने में जुटे हैं, वहीं गैर सरकारी संस्थाएं कर में छूट के साथ-साथ खुद को आत्मनिर्भर बनाने की मांग भी कर रही हैं। शुक्रवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ हुई सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों की बजट पूर्व बैठक में वित्त सेवाओं से जुड़े एनजीओ को राजस्व कमाने की छूट दिए जाने की मांग भी रखी गई। इस मौके पर वित्त मंत्री ने सामाजिक क्षेत्र पर हाल के वर्षों में बढ़े खर्च का श्रेय तेजी से हुए आर्थिक विकास को दिया।
बैठक में शामिल सामाजिक क्षेत्र के 18 प्रतिनिधियों में से एक अशोक भारती ने अमर उजाला को बताया कि कुछ संस्थाओं ने आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय होकर कुछ लाभ अर्जित करने की छूट मांगी है। वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में समाज कल्याण से जुड़ी योजनाओं के संचालन में पेशेवर लोगों को शामिल करने का सुझाव भी दिया गया है।
भगवान महावीर विकलांग कल्याण समिति के संस्थापक डीआर मेहता ने बताया कि उन्होंने जनकल्याण में जुटी संस्थाओं को मिलने वाले दान को पूरी तरह करमुक्त किए जाने की मांग रखी है। दुनिया के कई नामी विश्वविद्यालय सिर्फ दान से मिले पैसे के बूते चल रहे हैं लेकिन इसके लिए नियमों में आवश्यक रियायत दिए जाने की जरूरत है। एनजीओ को मुनाफा अर्जित करने की मांग पर उनका कहना है कि वह व्यक्तिगत तौर इस सुझाव से सहमत नहीं है लेकिन बजट पूर्व बैठक में कई सदस्यों ने इस तरह की मांग भी रखी है।
वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने वित्तीय समावेश की मुहिम में एनजीओ की सेवा का लाभ उठाने, पंचायतों को मजबूत करने और आम आदमी बीमा योजना को रोजगार गारंटी योजना से जोड़ने और विकलांगों व शहरी गरीबों के लिए बजट बढ़ाने के सुझाव भी दिए हैं। बैठक में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद थे।