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अपनी नई गाड़ियों में मॉडर्न फीचर चाहते हैं खरीदार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2014 09:19 AM IST
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बदलते समय के साथ वाहन खरीदने को लेकर लोगों का नजरिया भी बदल रहा है। देश में वाहन खरीदार अब अपनी नई गाड़ियों में माडर्न फीचर, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के पर्याप्त उपाय चाहते हैं। जेडी पावर एशिया पैसिफिक 2014 इंडिया ऑटोमोटिव परफार्मेंस, एक्सीक्यूशन एंड लेआउट (एपीईएएल) के अध्ययन में यह बात सामने आई है।
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अध्ययन में गाड़ियों की 10 श्रेणियों के प्रदर्शन की पड़ताल की गई है। इसमें वाहन की बाहरी और आंतरिक बनावट, स्टोरेज एवं जगह, ऑडियो, इंटरटेनमेंट, नेविगेशन, सीट, हीटिंग वेंटिलेशन, एसी, ड्राइविंग डायनेमिक्स, इंजन ट्रांसमिशन, विजिबिलिटी, ड्राइंविग सेफ्टी और फ्यूल इकनॉमी शामिल है। एपीईएएल अध्ययन में 1,000 अंक पर आधारिक एक सूचकांक बनाया, जिसमें अधिक अंक अधिक संतुष्टि को दर्शाता है।
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अध्ययन के मुताबिक छोटी कारों के बाजार में विजिबिलिटी और ड्राइविंग सेफ्टी नए वाहन खरीदारों की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। छोटी कारों के खरीदार अपनी नई गाड़ी में सुरक्षा के आधुनिक फीचर की इच्छा रखते हैं।
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जेडी पावर एशिया पैसिफिक, सिंगापुर के कार्यकारी निदेशक मोहित अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में वाहन खरीदारों में सुरक्षा फीचरों की मांग तेजी से और काफी अधिक बढ़ी है। निर्माताओं को ग्राहकों की इस उम्मीदों को पूरा करने के लिए नई तकनीक और किफायती विकल्प विकसित करना होगा।
सुरक्षा उपायों के अलावा वाहन खरीदार बेहतर ड्राइविंग की सुविधा भी सुनिश्चित कराना चाहते हैं। मसलन, भारत में बिकने वाले महज पांच फीसदी वाहनों में ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन की सुविधा है। अध्ययन के मुताबिक करीब 82 फीसदी वाहन मालिक अपनी नई गाड़ी में यह फीचर देखना चाहते हैं।
ऑटो कंपनियों की ओर से माइलेज को लेकर किए जा रहे दावे हकीकत में गलत साबित हो रहे हैं। अध्ययन में यह बात निकलकर सामने आई है। दरअसल, एपीईएएल के अध्ययन में वास्तविक फ्यूल इकनॉमी (माइलेज) बिक्री के दौरान कंपनी द्वारा किए गए दावे से 23 फीसदी कम पाया गया।