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इंटरनेट टेलीफोनी का रास्ता खुला

Fri, 02 Aug 2013 10:53 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 02 Aug 2013 10:53 PM IST
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new telecom unified licences

अब देश में टेलीकॉम सर्विस देने वाली कंपनियां इंटरनेट टेलीफोन जैसी सुविधाओं की शुरुआत कर सकेंगी। इसके लिए सरकार ने शुक्रवार की देर शाम बहुप्रतीक्षित यूनीफाइड (एकीकृत) लाइसेंस नीति के दिशा निर्देश जारी कर दिए।

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इसके जारी होने से अब देश में  टेलीकॉम सेवाएं देने वाली कंपनियों को फोन, इंटरनेट, डीटीएच सहित दूसरी सेवाओं के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं रहेगी।
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अब कंपनियों को टेलीकॉम क्षेत्र के तहत आने वाली सेवाओं के लिए केवल एक लाइसेंस लेना होगा। यूनीफाइड लाइसेंस के तहत कंपनियों को 20 साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। सरकार पहले ही टेलीकॉम में शत प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दे चुकी है।
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इसके पहले शुक्रवार को दिन में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने यूनीफाइड लाइसेंस नीति को एक-दो दिन में लागू हो जाने की बात नेशनल टेलीकॉम सम्मेलन में कही थी।

यूनीफाइड लाइसेंस नीति लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियां भारत में भी इंटरनेट टेलीफोनी जैसी सुविधाएं कंप्यूटर और मोबाइल फोन के जरिए दे सकेंगी।

नए कदम से कंपनियों को पूरे देश में एक ही बार में सभी तरह की सेवाओं का लाइसेंस मिल जाएगा।

इसका फायदा कंपनियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी मिलेगा। इसके जरिए बेहतर तकनीकी के इस्तेमाल से आपके घर में आने वाले एक ही केबल से डीटीएच, इंटरनेट आदि की सुविधाएं मिल सकती हैं।

अभी कंपनियों को सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना पड़ता है।

कार्यक्रम के दौरान सिब्बल ने इसके अलावा कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र में अधिग्रहण और विलय संबंधी दिशानिर्देश सितंबर तक जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई की भी मंजूरी दी है, जिसका फायदा भी टेलीकॉम सेक्टर को ज्यादा निवेश के रूप में मिलेगा।

कंपनियों के लिए राह हुई आसान

2जी घोटाला आने के बाद से सेक्टर में बने निराशा और अविश्वास के माहौल को नई नीतियां कुछ हद तक कम सकती हैं।

हाल ही में स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी प्रक्रिया को अपनाने, एफडीआई सीमा 100 फीसदी करने और अब यूनीफाइड लाइसेंस लाने की तैयारी से क्षेत्र में नीतिगत स्तर पर स्थितियां पहले से ज्यादा बेहतर हुई है।

इसे देखते हुए ब्रिटिश टेलीकॉम, चाइना मोबाइल आदि दूसरी बड़ी कंपनियां भारत में निवेश के लिए आ सकती है।

मुकेश अंबानी की भी है तैयारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज भी टेलीकॉम क्षेत्र में उतरने की तेजी से तैयारी कर रही है। इसी के तहत कंपनी ने पूरे देश में वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम पाने वाली कंपनी इंफोटेल ब्रॉडबैंड को भी खरीद लिया, जिसे देखते हुए मौजूदा कंपनियों को आने वाले दिनों में प्रमुख चुनौती पेश होने वाली है।


आकाश-4 जनवरी से मिलेगा

सीआईआई के कार्यक्रम में ही कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार ने आकाश टैबलेट के चौथे वर्जन के फीचर्स को तय कर लिया है।

दुनिया के 12 प्रमुख निर्माता आकाश-4 को भारत में बनाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में आकाश-4 जनवरी 2014 से लोगों के लिए उपलब्ध होगा।

पेनाल्टी का अधिकार ट्राई को देने की तैयारी

टेलीकॉम कंपनियों की सेवाओं आदि में अनियमितता आदि का मामला आने पर अभी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम पेनाल्टी लगाता है।

पर सरकार अब इस अधिकार को टेलीकॉम रेगुलेट्री अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) को अधिकार देने की तैयारी कर रही है।

यूनीफाइड लाइसेंस प्रणाली के तहत ट्राई ने 25 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपये तक पेनॉल्टी लगाने का प्रस्ताव दिया है, जबकि अभी प्रमुख रूप से 50 करोड़ रुपये तक की पेनाल्टी लग सकती है।

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