{"_id":"adaaccf6-c873-11e2-9e8a-d4ae52bc57c2","slug":"new-kyc-rules-will-be-for-banks","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों के लिए बनेंगे नए केवाईसी नियम","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
बैंकों के लिए बनेंगे नए केवाईसी नियम
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2013 08:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनी लांड्रिंग के आरोपों ने पूरी बैंकिंग प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक की जांच रिपोर्ट के अनुसार देश के अधिकतर बैंकों के कर्मचारी केवाईसी नियम, एंटी मनी लांड्रिंग नियम सहित कई प्रमुख दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।
विज्ञापन
यहीं नहीं, कई बैंकों में पर्याप्त निगरानी प्रणाली का भी पालन नहीं हो रहा है। इसे देखते हुए अब रिजर्व बैंक बैंकों के मौजूदा नियमों को सख्त करने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
बैंकिंग इंडस्ट्री में नियमों की अनदेखी और उसके पालन में लापरवाही का मामला ऑनलाइन पत्रिका कोबरा पोस्ट के स्टिंग ऑपरेशन के जरिए सामने आया।
इसके तहत तीन चरणों में देश के 30 प्रमुख बैंकों पर मनी लांड्रिंग का खुलासा किया गया था। दो चरणों में आरबीआई द्वारा की गई जांच में सूत्रों के अनुसार यह सामने आया है कि कई स्तर पर केवाईसी नियमों सहित दूसरे मानकों की अनदेखी बैंकों में की गई है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार बैंकों ने डिमांड ड्रॉफ्ट जारी करने के नियमों में भी अनदेखी है। इसके अलावा एक ही ग्राहक नकदी के कई चरणों में बैंक से लेन-देन करने का भी मामला सामने आया है, जिसकी निगरानी में बैंकों द्वारा अनदेखी की गई है।
कोबरापोस्ट ने पहले चरण में आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक पर आरोप लगाए थे। उसके बाद के दो चरणों में एसबीआई, पीएनबी, केनरा बैंक, ओबीसी, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया जैसे सार्वजनिक बैंकों के अलावा यस बैंक, इंडस इंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईएनजी वैश्य बैंक आदि पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया था।
आरबीआई की जांच रिपोर्ट के मामले पर वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंकों की जांच में यह बात सामने आ रही है कि प्रणालीगत स्तर पर खामियां हैं। इसके अलावा कर्मचारियों द्वारा भी अनदेखी की गई है। ऐसे में नियमों को सख्त करने के अलावा, दोषी बैंकों पर भारी जुर्माना लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।
दस्तावेजों की पूरी जांच में लगता है समय
देश के एक बड़े सार्वजनिक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट में निगरानी प्रणाली की अनदेखी की जहां तक बात है, तो उसमें खाता खोलते वक्त और केवाईसी जांच में 15-20 दिन का समय लगता है। ऐसा इसलिए हैं कि नए खुले खाते से संबंधित दस्तावेज बैंक के एलसीपीसी ऑफिस में जांच के लिए भेजे जाते हैं।
इस बीच आपसी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए ग्राहक का खाता एक्टिव होता है। ऐसे में यदि दस्तावेज में कोई संदिग्धता है तो उस पर कार्रवाई में समय लग जाता है। इसी तरह बैंकों में संदिग्ध लेन-देन की निगरानी के लिए एक कार्यालय होता है। जो इस तरह की लेन-देन करता है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में संदिग्ध लेन-देन की निगरानी में भी अनदेखी की गई है।
बैंकों पर होगी सख्ती
मनी लांड्रिंग की आंच आने के बाद अब बैंकों पर आयकर विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है। विभाग ने आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंकों को भी नोटिस भेजा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ और बैंकों को भी इस तरह के नोटिस मिल सकते हैं। साथ ही वित्त मंत्रालय भी बैंकों पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है।