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नए बैंकिंग लाइसेंस की राह हुई और आसान
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2012 01:39 PM IST
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कमोडिटी वायदा कारोबार में बैंकों को अनुमति देने के प्रावधान को हटाने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में बैंकिंग बिल को पारित करवा लिया है। बैंकिंग बिल के लागू होने के बाद आर्थिक सुधारों की गति तेज होगी और देश में बैंकों में विदेशी पूंजी निवेश में बढ़ने के साथ-साथ नए बैंकिंग लाइसेंस का भी रास्ता साफ हो सकेगा। लोकसभा के मंजूर करने के बाद अब बैंकिंग बिल को राज्यसभा में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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मंगलवार को लोकसभा में बैंकिंग कानून (संशोधन) बिल 2011 पर वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि विभिन्न पक्षों की चर्चा के बाद बिल में फारवर्ड कांट्रैक्ट मार्केट (कमोडिटा वायदा कारोबार) से संबंधित प्रावधान को नहीं शामिल किया जाएगा। वित्त मंत्री के इस आश्वासन के बाद ही सरकार प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को बैंकिंग बिल पारित कराने के लिए राजी कर सकी। लोकसभा ने बिल को ध्वनिमत से पारित किया। भाजपा और विपक्षी दल बिल से कमोडिटी वायदा कारोबार में बैंकों के शामिल होने का विरोध कर रहे थे।
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बैंकिंग बिल के कानून बनने के बाद बैंकों के लिए विदेशी पूंजी जुटाना आसान हो सकेगा। बिल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निवेशकों को 10 फीसदी तक वोटिंग अधिकार देने और निजी बैंकों में 26 फीसदी तक वोटिंग अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। अभी यह सीमा सार्वजनिक क्षेत्रों के लिए एक फीसदी और निजी क्षेत्रों के लिए 10 फीसदी थी। बैंकिंग सेक्टर में वोटिंग अधिकार कम होने से निवेश काफी कम हो रहा था। बैंकर्स के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 20 फीसदी से कम होकर 5-6 फीसदी तक आ गई है। ऐसे में नए प्रावधान से विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में तेजी आएगी।
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बिल पर बहस के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग बिल में प्रतिस्पर्धा आयोग संबंधित अधिकारों में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत आरबीआई बैंकिंग नियामक होगा, पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को बैंकिंग सेक्टर में विलय और अधिग्रहण संबंधी मामलों में जांच करने का अधिकार होगा। नए बिल के तहत आरबीआई को बैंकों के बोर्ड पर वैकल्पिक व्यवस्था होने तक अधिकार करने का हक मिलेगा। साथ ही बैंक से जुड़ी कंपनियों के बुक की जांच करने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा राष्ट्रीयकृत बैंकों को 3,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी बोनस और शेयर के जरिए जुटाने की भी अनुमति मिलेगी। बैंकिंग बिल के पारित होने का कई बैंकिंग संगठन विरोध कर रहे हैं, जिसके विरोध में वह 20 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।