फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   needed to meet economic challenges says rattan

आर्थिक चुनौतियों से मिलकर निपटना होगा: रतन

Fri, 28 Dec 2012 11:35 PM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Fri, 28 Dec 2012 11:35 PM IST
विज्ञापन
needed to meet economic challenges says rattan

टाटा समूह से अपने 75वें जन्मदिवस पर रिटायर हुए रतन टाटा ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर कर एक फिर अपने पैर जमा लेगी। हालांकि, आर्थिक मुश्किलों का दौर अगले साल भी बना रह सकता है। लेकिन इसके बाद देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।

विज्ञापन


रतन टाटा ने अपना जन्मदिवस सौ अरब समूह वाले टाटा समूह के मुख्यालय बांबे हाउस से दूर पुणे में टाटा मोटर्स के निर्माण संयंत्र में कर्मचारियों के साथ मनाया। उन्होंने ट्वीट किया है, ‘यूनियन के निवेदन पर मैंने अपना दिन (रिटायरमेंट का आखिरी दिन) टाटा मोटर्स के पुणे स्थित निर्माण संयंत्र में बिताया। यहां मैं अपने कारखाने के साथियों से विदा लेने आया हूं। हमने अच्छा और बुरा वक्त मिलजुलकर गुजारा है। इस दौरान आपसी भरोसे से हम एक-दूसरे के करीब आए।’
विज्ञापन


उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा कि आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करने के लिए सहयोग, समर्पण और प्रतिबद्धता बनाए रखें। मौजूदा वर्ष में हम जो आर्थिक चुनौतियां देख रहे हैं, उसके आने वाले साल में बने रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ता मांग में गिरावट बनी रह सकती है और विदेशी वस्तुओं के आयात से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब 21 साल तक टाटा समूह की बागडोर संभालने के बाद रतन टाटा शुक्रवार को टाटा सन्स के चेयरमैन पद से रिटायर हो गए। उनके कारोबारी वारिस साइरस मिस्त्री शनिवार को टाटा समूह के चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगे।  टाटा समूह के चेयरमैन के रूप में अपने आखिरी दिन रतन दफ्तर से दूर रहे। वह पुणे में अपना जन्मदिन मनाने में मशगूल रहे। इसके चलते मुंबई स्थित टाटा सन्स के मुख्यालय बॉम्बे हाउस में कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया।


हालांकि साइरस मिस्त्री कार्यालय पहुंचे। वह टाटा समूह की सेडॉन कार मान्जा पर सवार होकर दफ्तर आए। बॉम्बे हाउस के बाहर इस मौके पर लोगों और मीडिया कर्मियों का बड़ा हुजूम मौजूद था। लोग रतन टाटा की झलक पाने को बेताब थे, लेकिन वह दिखाई नहीं दिए।


विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed