क्या मोदी वसूल पाएंगे ये 20000 करोड़?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र के साथ टैक्स विवादों में उलझी कंपनियों के सुर भी मोदी सरकार आते ही बदलने लगे हैं। करीब 20 हजार करोड़ रुपये के टैक्स मामले में ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन ने अब सुलह की राह अपनाने के संकेत दिए हैं।
शुक्रवार को कंपनी के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्रालय और राजस्व विभाग के आला अधिकारियों से मिलकर समाधान की कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों का कहना है कि वोडाफोन के प्रतिनिधियों ने मामले के कानूनी और विवादित मसलों पर जोर देने के बजाय बातचीत से हल निकालने के संकेत दिए हैं।
यूपीए सरकार में नहीं सुलझ पाया था मामला
आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधियों में वोडाफोन ग्रुप के निदेशक (एक्सटर्नल अफेयर्स) और पूर्व ब्रिटिश राजनयिक मैथ्यू कीर्क भी शामिल थे।
मिली जानकारी के अनुसार, वोडाफोन ने भारत में अपनी निवेश योजनाओं को सामने रखकर सुलह की कोशिशें तेज कर दी हैं। वोडाफोन इस मामले में सरकार को आर्बिट्रेशन नोटिस भेज चुकी है।
यूपीए सरकार में वोडाफोन, नोकिया जैसी विदेशी कंपनियां टैक्स विवादों में उलझ गई थीं। इन कंपनियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आयकर कानून में पुरानी तिथि से हुए संशोधन के चलते हुई है।