मल्टीपल रसोई गैस कनेक्शन पर लगेगा अंकुश

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 09 Oct 2012 09:24 PM IST
multiple lpg connection will hook
नए एलपीजी कनेक्शन देने से पहले तेल कंपनियां केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) नियमों को पूरा करने के लिए अब पुणे स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी डैक) की मदद लेगी। इस केंद्र की मदद से ग्राहकों के मल्टीपल कनेक्शन और एक नाम व पते पर अनेक कनेक्शन रखने वालों की जांच आसानी से हो सकेगी।

पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा है कि कनेक्शन के दोहराव पर अंकुश लगाने संबंधी अभियान को जल्द पूरा करने में सी डैक की विशेष मदद ली जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ महीनों ने यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद एलपीजी वितरकों के लिए नए कनेक्शन आसानी से मुहैया कराने का रास्ता साफ हो जाएगा।

मंगलवार को इकोनॉमिक एडीटरर्स कॉफ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्रालय जयपाल रेड्डी ने बताया कि एलपीजी कीमत पर ग्राहकों की उलझनों को दूर करने के लिए तेल कंपनियां एसएमएस और वेबसाइट का सहारा लेगी। रेड्डी ने बताया कि उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह एलपीजी की कीमत के बारे में एसएमएस के जरिए जानकारी दी जाएगी। यही नहीं उन्हें इस माध्यम से जागरूक भी बनाया जाएगा। साथ ही उनके शिकायतों को सीधे कंपनियों तक पहुंचाने का यह एक माध्यम भी होगा।

फिलहाल तेल कंपनियों के पास करीब 30 फीसदी ग्राहकों का मोबाइल नंबर उपलब्ध है। मंत्रालय के मुताबिक इसे बहुत जल्द सौ फीसदी कर लिया जाएगा। इसके अलावा कनेक्शन लेते समय मिलने वाले ब्लू बुक की महत्ता भी अब बढ़ने वाली है। अब प्रत्येक एलपीजी डिलवरी का रिकॉर्ड इसमें दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि देश में 14 करोड़ 20 लाख एलपीजी ग्राहक हैं।

रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या बढ़ने की संभावना नहीं
आम आदमी के लिए रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या छह से होने की गुंजाइश फिलहाल नहीं है। पेट्रोलियम सचिव ने एक साल में सब्सिडाइज दर पर छह से अधिक सिलेंडर आम आदमी को उपलब्ध कराने की संभावना से इंकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह पहले तय हो चुका है कि छह से अधिक सिलेंडर लेने वाले ग्राहकों को गैर रियायती घरेलू एलपीजी की कीमत अदा करनी होगी। राज्यों ने ज्यादा रियायती रसोई गैस उपलब्ध कराने की घोषणा केवल बीपीएल ग्राहकों के लिए की है।

रेलवे और बड़े मॉल के लिए कम कीमत पर डीजल
डीजल के दाम बढ़ने से भले ही आम आमदी पर महंगाई पर बोझ बढ़ गया है। डीजल मूल्य में पांच रुपए प्रति लीटर के इजाफे से परिवहन, फल, सब्जियां, माल भाड़ा समेत सभी जरूरी चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं। लेकिन एक सच यह भी है कि तेल कंपनियां रेलवे, शॉपिंग मॉल समेत दूसरे बड़े ग्राहकों को आम आदमी के लिए तय मूल्य से कम कीमत पर डीजल मुहैया कराती है। यह कमी 20 से 30 पैसे प्रति लीटर की है। इंडियन ऑयल के चेयरमैन आरएस बुटोला ने इसे स्वीकार किया है। हालांकि पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा कि उन्हें इस तथ्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

चालू वित्त वर्ष में तेल उत्पादन में 8 फीसदी इजाफे की संभावना
चालू वित्त वर्ष में देश में तेल का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी बढ़कर 41.12 मिलीयन टन हो सकता है। हालांकि इस वर्ष गैस उत्पादन में 9 फीसदी की कमी आ सकती है। यह 43 बिलीयन क्यूबिक मीटर तक रहने का अनुमान है। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा कि गैस उत्पादन में कमी की प्रमुख वजह केजी डी6 ब्लॉक के उत्पादन में गिरावट से है। उल्लेखनीय है कि रिलायंस के डी6 ब्लॉक से उत्पादन गिरने के बाद भारत में गैस का आयात बढ़ा है।

Spotlight

Related Videos

भारतीय डाक में निकलीं 2,411 नौकरियां, ऐसे करें अप्लाई

करियर प्लस के इस बुलेटिन में हम आपको देंगे जानकारी लेटेस्ट सरकारी नौकरियों की, करेंट अफेयर्स के बारे में जिनके बारे में आपसे सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं या इंटरव्यू में सवाल पूछे जा सकते हैं और साथ ही आपको जानकारी देंगे एक खास शख्सियत के बारे में।

24 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls