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एमएसएमई को बेस रेट पर मिल सकता है कर्ज
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2014 08:47 AM IST
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केंद्र सरकार सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सेक्टर को सस्ती दरों पर पूंजी उपलब्ध कराने के लिए बैंकोें से बातचीत कर रही है।
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केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री कलराज मिश्र का कहना है कि मंत्रालय सरकारी बैंकों को इस बात के लिए तैयार करने का प्रयास कर रहा है कि वे छोटे कारोबारियों को बेस रेट पर कर्ज दे। इससे एमएसएमई सेगमेंट को वित्तीय और बैकिंग संस्थानों से सस्ती दरों पर पूंजी मिलेगी और उनके लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद लांच करना और कारोबार करना आसान होगा।
मिश्र के मुताबिक यह सुनिश्चित करने के लिए मैं बृहस्पतिवार को लखनऊ में वित्तीय और बैकिंग संस्थानों के वरिष्ट अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा हूं, जिससे कि बैंकों की सहमति से इस बारे में जल्द से जल्द फैसला किया जा सके। इस बारे में किसी भी फैसले पर रिजर्व बैंक, वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय की मंजूरी भी ली जाएगी।
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पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा दूसरे इनोवेशन समिट-2014 का उद्घाटन करते हुए मिश्र ने कहा कि देश भर में एमएसएमई को कारोबार करने और बड़ी कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कम ब्याज दरों पर पूंजी की जरूरत है।
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इससे वे देश के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में भी योगदान देंगे। एमएसएमई मंत्री ने कहा सरकार एमएसएमई की परिभाषा की समीक्षा भी करेगी और इसके तहत एमएसएमई की पूंजी की सीमा बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सरकार अगले एक माह में नई नीति लाएगी।
मौजूदा समय में एमएसएमई की पूंजी सीमा 25 लाख रुपये, पांच करोड़ रुपये,10 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि अगर आपका कारोबार इस सीमा को पार कर जाता तो आप एमएसएमई की परिधि से बाहर हो जाते हैं। ऐसे में आपको लोन और दूसरी सुविधाएं हासिल करने के लिए दूसरी कंपनी खोलनी होगी।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय एमएसएमई सेक्टर को आसान पैकेज मुहैया कराने के लिए क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड गठित करने पर काम कर रहा है और इसे नई एमएसएमई नीति के मसौदे में जोड़ा गया है।