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रुपए की बीमारी का असर, मोटर इंश्योरेंस पर भी
Updated Mon, 09 Sep 2013 07:46 PM IST
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रुपए में गिरावट की मार प्रीमियम में बढ़ोतरी के तौर पर जल्द ही आपके मोटर इंश्योरेंस पर भी पड़ सकती है।
रुपए के लुढ़कने से आयातित कल-पुर्जों (पार्ट्स) की लागत ज्यादा बैठने के चलते साधारण बीमा कंपनियां मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं।
भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के सीईओ अमरनाथ अनंतनारायणन का कहना है कि मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम कार के मूल्य पर आधारित होता है।
ऐसे में पुर्जों का आयात महंगा होने से अगर कारों की कीमतें बढ़ रही हैं, तो इंश्योरेंस का प्रीमियम भी बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि मई से अब तक रुपए में करीब 20 फीसदी तक गिरावट के चलते ज्यादातर ऑटो कंपनियां अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ा चुकी हैं।
ऐसे में इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी भी संभव है।
फ्यूचर जेनराली इंडिया के सीएमडी केजी कृष्णमूर्ति के मुताबिक पुर्जों का निर्यात महंगा होने से हमारे लिए क्लेम सेटेलमेंट की लागत बढ़ रही है।
ऐसे में मोटर इंश्योरेंस के प्रीमियम में 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी अपेक्षित है।
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रुपए के लुढ़कने से आयातित कल-पुर्जों (पार्ट्स) की लागत ज्यादा बैठने के चलते साधारण बीमा कंपनियां मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं।
भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के सीईओ अमरनाथ अनंतनारायणन का कहना है कि मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम कार के मूल्य पर आधारित होता है।
ऐसे में पुर्जों का आयात महंगा होने से अगर कारों की कीमतें बढ़ रही हैं, तो इंश्योरेंस का प्रीमियम भी बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि मई से अब तक रुपए में करीब 20 फीसदी तक गिरावट के चलते ज्यादातर ऑटो कंपनियां अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ा चुकी हैं।
ऐसे में इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी भी संभव है।
फ्यूचर जेनराली इंडिया के सीएमडी केजी कृष्णमूर्ति के मुताबिक पुर्जों का निर्यात महंगा होने से हमारे लिए क्लेम सेटेलमेंट की लागत बढ़ रही है।
ऐसे में मोटर इंश्योरेंस के प्रीमियम में 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी अपेक्षित है।