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छोटे शहरों में पहुंचेंगी ज्यादा बीमा कंपनियां
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 28 Feb 2013 11:18 PM IST
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रिक्शा चालक, टैक्सी चालक, खनन श्रमिक कूड़ा उठाने वालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत शामिल किया जाएगा। इस कदम से असंगठित क्षेत्र के एक बड़े तबके को बीमा का लाभ मिलेगा।
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इसके अलावा देश में बीमा का विस्तार बढ़ाने के लिए देश में 10 हजार या उससे ज्यादा की आबादी तक भारतीय जीवन बीमा या फिर सरकारी बीमा कंपनियों का कम से कम एक कार्यालय जरुर खोला जाएगा। साथ ही देश में लंबित पड़े मोटर इंश्योरेंस के मामलों को भी जल्द निटाने की सरकार की तैयारी है।
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बैंकों के लिए काम करने वाले बिजनेस कॉरस्पॉडेंट को माइक्रो इंश्योरेंस उत्पाद बेचने की भी अनुमति देने का प्रावधान आम बजट में किया गया है। इसी तरह बैंकों के केवाईसी बीमा पॉलिसी को खरीदने के लिए भी मान्य होंगे। साथ ही बीमा कंपनियों को टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी शाखाएं खोलने के लिए अब इरडा की अनुमति नहीं लेनी होगी।
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बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के तहत मार्च 2014 तक देश के सभी बैंकिंग शाखाओं के एटीएम होंगे। नेशनल हाउसिंग बैंक के तहत 2000 करोड़ रुपये का शहरी आवास कोष बनाया जाएगा। जबकि ग्रामीण विकास कोष के तहत 6000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसी तरह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए बेसल-3 मानकों को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2013-14 में 14 हजार करोड़ रुपये की पूंजी दी जाएगी।