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एटीएंडसी लॉस कम करने वाले राज्यों को मिलेगी अतिरिक्त बिजली
नई दिल्ली/ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2014 08:27 PM IST
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एग्रीगेट ट्रांसमिशन एंड कॉमर्शियल लॉस (एटीएंडसी) कम करने वाले राज्य को केंद्र की तरफ से अतिरिक्त बिजली दी जा सकती है। इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय बिजली के आवंटन तरीके में जल्द ही संशोधन कर सकता है।
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मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक किसी भी थर्मल परियोजना से उत्पादित 15 फीसदी बिजली का आवंटन किसी को नहीं किया जाता है और एटीएंडसी नुकसान कम करने के लक्ष्य को हासिल करने वाले राज्यों को इस कोटे से अतिरिक्त बिजली दी जा सकती है। इस तरीके को लागू करने से कई राज्यों को लाभ मिल सकता है, खासकर जहां एटीएंडसी के लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है।
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केंद्रीय बिजली आवंटन के वर्तमान तरीके मुताबिक जिस राज्य में केंद्रीय थर्मल पावर परियोजना की स्थापना होती है, उसे उत्पादित बिजली का 10 फीसदी हिस्सा मिलता है। मंत्रालय के प्रस्तावित तरीके के मुताबिक इस 10 फीसदी की हिस्सेदारी को 40 फीसदी तक किया जा सकता है, लेकिन राज्य सरकार की कोताही की वजह से केंद्रीय बिजली परियोजना की स्थापना में देरी होती है, तो 40 फीसदी के कोटे में पांच फीसदी तक की कटौती कर दी जाएगी। 15 फीसदी बिजली का आवंटन पहले की तरह किसी को नहीं किया जाएगा। वहीं, बाकी की 45 फीसदी बिजली के आवंटन का तरीका वर्तमान में लागू तरीके मुताबिक होगा। यह वितरण विभिन्न राज्यों के लिए बनाई गई केंद्रीय योजना के मुताबिक किया जाता है।
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परमाणु ऊर्जा परियोजना से उत्पादित बिजली आवंटन के तरीके में मंत्रालय थोड़ा अलग तरीका अपना सकता है। जिस राज्य में परमाणु ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। उस राज्य को उत्पादित बिजली का 50 फीसदी हिस्सा मिलेगा। वहीं, जल विद्युत परियोजना के मामले में भी सरकार परियोजना से जुड़े राज्य के कोटे को बढ़ाने पर विचार कर रही है। अभी जिस राज्य में जल विद्युत परियोजना लगाई जाती है, उसे उत्पादित बिजली का 13 फीसदी हिस्सा दिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 38 फीसदी किया जा सकता है।