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पशुधन, मत्स्य पालन को दें ज्यादा फंड

Wed, 06 Feb 2013 11:45 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Feb 2013 11:45 PM IST
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more funds provide for fisheries says sharad pawar

कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि राज्य सरकारों को पशुधन व मत्स्य पालन सेक्टर के विकास के लिए केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले फंड का 25 फीसदी हिस्सा आवंटित करना चाहिए। पवार ने यहां राज्यों के कृषि मंत्रियों के एक कार्यक्रम में कहा है कि 11 राज्यों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) में पशुधन व मत्स्य पालन सेक्टर की हिस्सेदारी महज 15 फीसदी या इससे कम है।

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राज्य सरकारों को कम से कम आरकेवीवाई के तहत 25 फीसदी संसाधनों का आवंटन इन सेक्टरों के लिए करना चाहिए। पवार ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में आरकेवीवाई के अंतर्गत कुल 27,452 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ। इनमें से पशुधन व मत्स्य पालन सेक्टर को 18.59 फीसदी यानी 5,102 करोड़ रुपये राशि प्राप्त हुई। जबकि, राज्यों के लिए इन सेक्टरों के लिए योजना का 25 फीसदी फंड आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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चालू वित्तीय वर्ष में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए इस योजना के तहत करीब 1,165 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी मिल चुकी है।  पवार ने जोर देते हुए कहा कि कृषि से जुड़े सेक्टरों में कृषि क्षेत्र की विकास को रफ्तार देने की क्षमता है। जिसके जरिए कुल कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित 4 फीसदी की विकास दर के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकारों से विभिन्न केंद्रीय योजना के तहत उपलब्ध फंडों का उपयोग करने को कहा।
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प्रस्तावित राष्ट्रीय पशुधन नीति के बारे में पवार ने कहा कि सरकार ने एक मसौदा नीति तैयार कर लिया है, जिसे राज्यों के पास समीक्षा के लिए भेजा जा चुका है। इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मसौदा नीति का उद्देश्य पशुधन सेक्टर का समग्र रूप से विकास करना है।

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