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प्रॉपर्टी की हेराफेरी करना होगा मुश्किल

Fri, 25 Jan 2013 01:14 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 25 Jan 2013 01:14 AM IST
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more difficult to be property rigging

आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी के संबंध में किसी के लिए गुमराह करना आसान नहीं होगा। अब प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। साथ ही कर्ज की मांग करने वाले ग्राहकों का भी रिकॉर्ड कैसा है, इसकी जानकारी भी उसी प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी। सभी जानकारी एक ही जगह मिलने से वित्तीय संस्थानों के लिए धोखाधड़ी रोकना आसान हो सकेगा।

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बृहस्पतिवार को सेंट्रल रजिस्ट्री ऑफ सिक्योरिटाइजेशन एसेट रिकंस्ट्रक्शन एंड सिक्योरिटी इंटरेस्ट ऑफ इंडिया (सीईआरएसएआई) के साथ ग्राहकों के बारे में क्रेडिट इनफॉर्मेशन देने वाली कंपनी एक्सपीरियन क्रेडिट इनफॉर्मेशन कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड और इक्वीफैक्स क्रेडिट इनफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया गया है। जबकि सेंट्रल रजिस्ट्री सिबिल के साथ इस संबंध में पहले ही समझौता कर चुकी है।
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तीनों कंपनियों के जुड़ने से अब एक ही जगह प्रॉपर्टी के बारे में पूरी जानकारी बैंकों को उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही कर्ज की मांग करने वाले ग्राहकों की भी जानकारी यही मिल सकेगी। ऐसे में प्रॉपर्टी या ग्राहक के बारे में गलत सूचना देने पर कर्ज देने वाले संस्थानों को तुरंत जानकारी मिल जाएगी।
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जिसका फायदा ग्राहकों के साथ-साथ रीयल एस्टेट इंडस्ट्री और वित्तीय संस्थानों को मिलेगा। समझौते पर वित्त मंत्रालय में डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के सचिव डीके मित्तल ने कहा कि एक जगह सारी जानकारी साझा होने से पारदर्शिता बढ़ेगी। जिसका फायदा सभी संबंधित क्षेत्र को मिलेगा।

 
वहीं, निम्न आय वर्ग के लिए शुरू किए गए क्रेडिट रिस्क गारंटी फंड स्कीम के साथ जुड़ने के लिए बृहस्पतिवार को चार और वित्तीय संस्थानों ने समझौता किया है। इस मौके पर नेशनल हाउसिंग बैंक के सीएमडी आरवी वर्मा ने बताया कि नए सदस्यों के बाद योजना के साथ 11 वित्तीय संस्थान जुड़ गए हैं। ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, इलाहाबाद बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और हुडको ने समझौता किया है।

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