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देश की साख बढ़ाएं रेटिंग एजेंसियां : वित्त मंत्रालय

Tue, 09 Sep 2014 09:10 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 09 Sep 2014 09:10 AM IST
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Moody;s meets finance ministry as India seeks hike in credit rating

आर्थिक विकास के आंकड़ों में हो रहे सुधार और निवेशकों के मजबूत होते भरोसे का हवाला देते हुए वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज से भारत की रेटिंग बढ़ाने की जोरदार मांग की है। मंत्रालय के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार राजकोषीय घाटा को नियंत्रित रखने के कदम उठा रही है और उम्मीद है, वह इसके लिए तय लक्ष्य को हासिल कर लेगी।

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मूडीज के बाद रेटिंग बढ़ाने को लेकर दूसरी प्रमुख रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) के अधिकारियों से इस माह मंत्रालय के अधिकारी मुलाकात करेंगे। एसएंडपी ने भारत को फिलहाल निगेटिव आउटलुक के साथ बीबीबी रेटिंग दी है, जो कि निवेश की सबसे निचली ग्रेड है। एसएंडपी के प्रतिनिधियों ने गत 12 अगस्त को वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की थी और रेटिंग बढ़ाने से पहले अगले दौर की बातचीत की बात कही थी।
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मूडीज के साथ बैठक के बाद वित्त सचिव अरविंद मायाराम ने कहा कि हमने अपना पक्ष रेटिंग एजेंसी के समक्ष रखा है। विकास दर पटरी पर लौट रही है। बजट में विकास को मजबूती देने के तमाम उपाय हैं और अर्थव्यवस्था की प्रतिक्रिया सकारात्मक है। रेटिंग एजेंसी ने राजकोषीय घाटे की स्थिति को लेकर चिंता जताई। इस पर हमने एजेंसी के अधिकारियों को विस्तार से समझाया कि हम घाटे को तय लक्ष्य के दायरे में काबू कर लेंगे।
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मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग स्टेबल आउटलुक के साथ बीएए3 रखी है। एजेंसी ने इसमें बढ़ोतरी की संभावना जताई है। यह रेटिंग उच्च घरेलू बचत और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार को दर्शाता है जिसमें भारी-भरकम राजकोषीय घाटा, महंगाई दर और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्य चुनौतियां हैं। रेटिंग के मुद्दे पर एक अन्य रेटिंग एजेंसी फिच के प्रतिनिधियों के भी जल्द ही वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करने की उम्मीद है।


खनन, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन की बदौलत अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर ढाई साल के शीर्ष स्तर 5.7 फीसदी पर पहुंच गई थी। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.1 फीसदी पर लाने का लक्ष्य रखा है जो पिछले साल जीडीपी का 4.5 फीसदी था।

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