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मोंटेक ने माना, 8% विकास दर हासिल करना मुश्किल
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2013 07:59 AM IST
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निजी कंपनियों के सहयोग के बगैर बारहवीं पंचवर्षीय योजना में 8 फीसदी विकास दर को हासिल करना सरकार के लिए मुश्किल होगा।
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योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि अगर निजी क्षेत्र मौजूदा पंचवर्षीय योजना के दौरान ढांचागत क्षेत्र में एक हजार अरब डॉलर का आधा यानी 500 अरब डॉलर का निवेश नहीं करता है, तो भारत के लिए लक्षित विकास दर को हासिल करना संभव नहीं होगा।
उद्योग संगठन फिक्की की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मोंटेक ने कहा कि तय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ढांचागत क्षेत्र में अनुमानित निवेश में से 50 फीसदी निजी क्षेत्र की ओर से होना जरूरी है। अगर ऐसा होता है तो योजना आयोग के अनुमानित विकास दर को हासिल करना संभव होगा।
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योजना आयोग उपाध्यक्ष ने कहा कि ढांचागत क्षेत्र की पीपीपी परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी लगातार बढ़ी है। 10वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान यह 10 फीसदी और 11वीं पंचवर्षीय योजना में यह 37 फीसदी थी, लेकिन चालू पंचवर्षीय योजना में निजी क्षेत्र की ओर से 50 फीसदी भागीदारी की जरूरत है।
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अगर ऐसा नहीं होता है तो विकास दर के अनुमान को कम करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की कमी है। हालांकि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें मांग के अनुपात में संसाधन कम हैं।
इस अवसर पर मौजूद वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने तमाम ढांचागत क्षेत्र के लिए अधिक नियामक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियामकों को सशक्त होने के साथ उनका स्वतंत्र होना भी जरूरी है।
गौरतलब है कि केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की ओर से जारी किये गए अग्रिम अनुमान के मुताबिक 12वीं पंचवर्षीय योजना के पहले वर्ष यानी 2012-13 में देश का विकास दर 5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की ओर से चालू वित्त वर्ष में 6.4 फीसदी विकास दर की बात कही गई है।