फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   modi's new order make offices paper less

मोदी का फरमान ऑफिस को बनाओ 'पेपर लेस'

Fri, 04 Jul 2014 09:04 AM IST
Updated Fri, 04 Jul 2014 09:04 AM IST
विज्ञापन
modi's new order make offices paper less

सरकारी दफ्तरों में बाबुओं के टेबल पर फाइलों के ढेर दिखना अब पुराने दिनों की बात हो सकती है। मोदी सरकार केंद्र सरकार के दफ्तरों की इस परंपरागत छवि को बदलने की तैयारी में हैं।

विज्ञापन


आने वाले दिनों में सभी मंत्रालयों में पूरा काम ऑनलाइन ही होगा। यानी रोजमर्रा के कामकाज के लिए कागजी फाइलों की जरूरत हीं नहीं होगी। सब कुछ कंप्यूटर से ऑनलाइन ही किया जाएगा।
विज्ञापन


केंद्रीय मंत्रालयों के विभाग ई-ऑफिस के रूप में विकसित होंगे। इस संबंध में केंद्रीय सचिवालय ने सभी मंत्रालयों को सूचना और प्रौद्योगिकी तकनीकी (आईसीटी) का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के निर्देश देने के साथ, इस दिशा में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोदी का 11 सूत्री प्लान

modi's new order make offices paper less

सूत्रों के अनुसार कैबिनेट सचिवालय द्वारा मंत्रालयों को दिए गए 11 सूत्री एक्शन प्लान में कहा गया है कि वह आईसीटी का इस्तेमाल कर विभागों को विकसित करें।

इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि सरकार की कोशिश सरकारी दफ्तरों की छवि बदलने की है। इसके जरिए केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय ई-ऑफिस के रूप में विकसित होंगे।

अधिकारी के अनुसार इस दिशा में मंत्रालयों ने काम करना शुरू भी कर दिया है। पांच ऐसे मंत्रालय हैं, जो डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में एक से तीन चरण तक पहुंच चुके हैं।

कुछ मंत्रालयों में शुरू होंगे ऑनलाइन काम

modi's new order make offices paper less

वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग, गृह मंत्रालय, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय में तेजी से इस दिशा में काम शुरू हो चुका है।

अधिकारी के अनुसार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की कोशिश है कि जुलाई में ही मौजूदा काम ऑनलाइन होने लगेंगे। पुरानी फाइलों को अपलोड करने का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

अधिकारी के अनुसार ई-ऑफिस विकसित करने की प्रक्रिया 2003-04 के समय से शुरू की गई थी, लेकिन इस दिशा में ज्यादा काम नहीं हो पाया था। नई सरकार के आने के बाद इस काम में तेजी आई है। मंत्रालयों को इस दिशा में क्या काम किया इसका भी ब्योरा देना है। ऐसे में इस बार यह काम पूरा होने की संभावना बढ़ गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed