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मोदी ने सीधे सचिवों को सौंपा इंफ्रा एजेंडे का जिम्मा
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
Updated Sat, 26 Jul 2014 07:58 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों के बजाय सीधे मंत्रालयों के सचिवों को बुलाकर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर ढांचे में सुधार का जिम्मा सौंपा है। शनिवार को प्रधानमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े ९ मंत्रालयों के सचिवों बुलाकर इस साल पूरे होने वाले कामों की जानकारी ली। पिछले साल तक योजना आयोग इंफ्रास्ट्रक्चर के सालाना लक्ष्य तय करता था, लेकिन इस बार नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल ली है। मोदी अक्सर छुट्टïी के दिन सचिवों की बैठक लेते हैं, जिसमें मंत्रियों को नहीं बुलाया जाता।
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शनिवार को हुई बैठक में सड़क परिवहन, रेल, विमानन, शिपिंग, ऊर्जा, पेट्रोलियम, अक्षय ऊर्जा, टेलीकॉम और कोयला मंत्रालय के सचिवों को बुलाया गया था। इस दौरान पर्यावरण और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। पिछले साल यूपीए सरकार ने १.१५ लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे करने का लक्ष्य तय किया था, जो अधूर रहा गया। अटकी योजनाओं हश्र को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने सचिवों से सिर्फ ऐसे कार्यों की सूची मांगी गई जो इस साल पूरे किए जा सकते हैं। मंत्री और योजना आयोग के भरोसे छोडऩे के बजाय नरेंद्र मोदी खुद अपने इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार, सभी मंत्रालयों से इनपुट लेने के बाद योजना आयोग की सचिव सिंधुश्री खुल्लर ने प्रधानमंत्री के सामने १५ पन्ना का प्रजेंटेशन दिया। पिछले साल के प्रदर्शन और मोदी के १७ सूत्री विकास एजेंडे को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय इस साल के लक्ष्य तय करेंगे।
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इंफ्रास्ट्रक्चर में मोदी का एजेंडा:
- ३०० किमी. नई रेल लाइनों बिछाना, ७०० किमी. का दोहरीकरण।
- ५० छोटे एयरपोर्ट का विकास।
- ईस्ट और वेस्ट कोस्टल एक्सप्रेसवे का निर्माण।
- कान्हा-कृष्णा कॉरिडोर के तहत हाईवे, रेल, गैस और तेल नेटवर्क ।
- लोकल और एसटीडी की दरें एकसमान, पंचायतों तक ब्रांडबैंड।
- गुजरात मॉडल पर गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए मिनी ग्रिड