फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   modi govt to allocate 85% power to states

संयंत्रों से राज्यों को 85 फीसदी बिजली देगी मोदी सरकार

Fri, 02 Jan 2015 09:23 AM IST
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया Updated Fri, 02 Jan 2015 09:23 AM IST
विज्ञापन
modi govt to allocate 85% power to states
अपने यहां चलने वाले बिजली संयंत्रों से ज्यादा बिजली आवंटित किए जाने के राज्यों की मांग के जोर पकड़ने से नए साल में ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार की नीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और ओडिसा सहित कई राज्यों ने केंद्र सरकार से कहा है कि अपने राज्य में चलने वाले एनटीपीसी, एनएचपीसी और एसजेवीएन जैसी सरकारी बिजली कंपनियों के पावर प्लांट में उत्पादित बिजली से उन्हें 85 फीसदी से शत-प्रतिशत तक बिजली का आवंटन किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


राज्यों की इस मांग से सहमति जताते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने फैसला किया है कि वह प्रस्तावित बिजली परियोजनाओं में गृह राज्यों को प्लांट में उत्पादित बिजली के 85 फीसदी तक के आवंटन की मंजूरी का प्रस्ताव कैबिनेट में मंजूरी के लिए पेश करेगा। मंत्रालय का मानना है कि बिजली के आवंटन में इस बढ़ोतरी से राज्य सरकारें अपने यहां पावर प्लांट शुरू कराने में ज्यादा रुचि लेंगी। इससे राज्य बिजली संयंत्र लगाने के लिए जरूरी मंजूरियों के काम में तेजी लाने के साथ-साथ जमीन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कोयले की आपूर्ति और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने में तत्परता दिखाएंगी।
विज्ञापन


ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों का बताना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में यह मसला काफी प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने गोयल से ऐसा फार्मूला निकालने को कहा था जिसके तहत प्रस्तावित बिजली परियोजनाओं में राज्यों के लिए ज्यादा बिजली का आवंटन सुनिश्चित किया जा सके।  
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक ऊर्जा मंत्रालय ने इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है, जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। इसके जरिए आंध्र प्रदेश के पुडिमडाका में प्रस्तावित 4,000 मेगावाट, बिहार के लखीसराय, बक्सर और पिरपैनती में 1,320 मेगावाट की प्रस्तावित परियोजनाओं और पश्चिम बंगाल में 1,320 मेगावाट के कटवा प्लांट से गृह राज्यों को 85 फीसदी बिजली देने की मंजूरी भी ली जाएगी।

इसके अलावा तेलंगाना फेज-1 परियोजना के लिए ऊर्जा मंत्रालय गृह राज्य को शत-प्रतिशत बिजली आवंटन की मंजूरी चाहता है। साथ ही मंत्रालय इस परियोजना के लिए एनटीपीसी और तेलंगाना की बिजली वितरण कंपनी के बीच होने वाले करार को खुली निविदा की प्रक्रिया से मुक्त रखने की मंजूरी भी चाहता है।


ऊर्जा मंत्रालय का मानना है कि आने वाले समय में राज्यों की ओर से इस तरह की मांगें और जोर पकड़ेंगी। ऐसे में मुफीद यही होगा कि केंद्र सरकार की ओर से अभी समय रहते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी नीतियों में जरूरी बदलावों को अंजाम दे दिया जाए। अन्यथा आगामी वर्षों में यह केंद्र और राज्यों के बीच एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed