मोदी सरकार का मंथन, कम होगी महंगाई!
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लगभग एक हफ्ते की देरी से चल रहे मानसून के कमजोर होने की आशंका को देखते हुए पहले से बेलगाम महंगाई को और भड़कने से रोकने के लिए मोदी सरकार ने कोशिशें तेज कर दी है।
महंगाई पर लगाम लगाने के उपायों पर विचार विमर्श करने के लिए शनिवार को कैबिनेट सचिव अजीत सेठ ने बड़े अधिकारियों (आवश्यक वस्तुओं की महंगाई पर नियंत्रण के लिए बनी सचिवों की कमेटी) के साथ बैठक की।
बैठक में महंगाई को काबू में करने के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत खुले बाजार में अनाज की उपलब्धता बढ़ाने और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और किसानों को मानसून सक्रिय होने से पहले खरीफ के लिए बीज और खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अनाज का सही वितरण हो
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राज्यों को प्रति माह आवंटित हो रहे अनाज और उसके उठाव की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गयी।
कैबिनेट सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीडीएस के जरिए दिया जा रहा अनाज लाभार्थियों तक पहुंचे इसकी व्यापक निगरानी की जाए।
वहीं खुले बाजार में अनाज की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकारी गोदामों से अनाज की निकासी बढ़ाने पर भी विचार किया गया। इसके लिए जल्द ही राज्यों के खाद्य अधिकारियों और मिल मालिकों के साथ वार्ता की जा सकती है।
महंगाई पर कैसे होगा नियंत्रण?
रोजमर्रा के उपयोग की खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को जमाखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने और खाद्य वस्तुओं की मौजूदा भंडारण सीमा को सख्ती से लागू करने को कहा गया।
इसी प्रकार कृषि सचिव से मानसून के देश भर में सक्रिय होने से पहले खरीफ की फसलों के लिए किसानों को समय पर बीज, खाद की व्यवस्था करने को कहा गया है। बैठक में वाणिज्य, उद्योग और वित्त सचिव से भी महंगाई पर नियंत्रण के उपायों को तत्काल प्रभाव से प्रभावी करने को कहा गया।
मोदी सरकार के लिए कड़ी चुनौती
गौरतलब है कि अप्रैल में खुदरा महंगाई दर तीन माह के ऊंचे स्तर 8.59 प्रतिशत पर पहुंच गई है। महंगाई में यह वृद्धि फल, दूध व सब्जियों के भाव बढ़ने के कारण हुई है।
चुनाव में महंगाई को लेकर भाजपा ने यूपीए सरकार पर निशाना साधा था। साथ ही भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में महंगाई रोकने के लिए कदम उठाने की भी बात कही थी।
पार्टी ने इसके लिए कीमत स्थिरता कोष और कालाबाजारी रोकने को विशेष अदालतें गठित करने का वादा किया है। अब महंगाई पर लगाम लगाना नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी चुनौती है। इसी कड़ी में आज कैबिनेट सचिवों की बैठक बुलाई गई थी।