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महंगाई से सरकार में हडकंप, निशाने पर जमाखोर

Wed, 18 Jun 2014 11:36 AM IST
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली। Updated Wed, 18 Jun 2014 11:36 AM IST
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Modi Government swings into action on signs of hoarding of food stocks

थोक महंगाई में पांच महीने की सबसे बड़ी छलांग ने मोदी सरकार में हडकंप मचा दिया है। बढ़ती महंगाई और सूखे की मार से निपटने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कृषि, खाद्य और वाणिज्य मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई। जिसमें दाल व खाद्य तेलों का आयात बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

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बैठक के बाद जेटली ने बताया कि सरकारी भंडार से अतिरिक्त मात्रा में चावल बाजार में लाया जाएगा। दिल्ली सरकार को पीडीएस के तहत प्याज की बिक्री करने का कहा गया है। राज्यों को फल व सब्जियों को एपीएमसी कानून से मुक्त करने की सलाह दी गई है।

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बैठक में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने सूखे की तैयारियों का खाका वित्त मंत्री के सामने रखा, जबकि खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने राज्यों केसाथ मिलकर जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उपायों पर चर्चा की। इस मौके पर वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं। महंगाई से सरकार में मचे हडकंप की हालात यह है कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सभी मंत्रियों को पूरी तैयारी के साथ बुलाया है।

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मई में थोक महंगाई दर ६ फीसदी से ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई ८.५८ फीसदी तक बढ़ी है। इसके लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कमजोर मानसून का फायदा उठाने के इरादे से की जा रही खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी को भी जिम्मेदार ठहराया है। जमाखोरी पर रोक लगाने के केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर एक विशेष अभियान छेडऩे की तैयारी कर रही है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने राज्य सरकारों को विशेष निर्देश दिए हैं।


राज्यों से लिखित में मांगा एक्शन प्लान

कमजोर मानसून का मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों से लिखित में एक्शन प्लान भेजने को कहा है। मंगलावार को कृषि मंत्रालय में राज्यों के कृषि सचिवों व अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई गई। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई है।


किसानों को डीजल सब्सिडी की तैयारी

कृषि मंत्रालय ने राज्यों के कृषि विभागों के साथ मिलकर सूखा पीडि़त 500 जिलों में सिंचाई केलिए डीजल सब्सिडी मुहैया कराने पर विचार कर रहा है। फिलहाल कृषि मंत्रालय की किसी योजना में डीजल सब्सिडी का प्रावधान नहीं है। लेकिन कुछ राज्य सरकार अपनी तरफ से किसानों पर सस्ता डीजल उपलब्ध कराती हैं।


प्याज पर न्यूनतम निर्यात मूल्य लागू

नासिक की प्याज मंडियों में हड़ताल के बाद कई शहरों में प्याज की कीमतें बढऩी शुरू हो गई हैं। इसे देखते हुए सरकार ने आनन-फानन में प्याज पर ३०० डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य तय कर दिया है। इससे प्याज के निर्यात पर अंकुश लग सकेगा। पिछले साल ज्यादा निर्यात के चलते प्याज की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। सरकार आलू पर भी न्यूनतम निर्यात मूल्य लागू कर सकती है।

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