{"_id":"e09020dec593348d409aa12269cd5856","slug":"modi-government-plans-setting-up-of-500-mw-25-solar-parks-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश में 25 सोलर पार्क बनाने की तैयारी","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
देश में 25 सोलर पार्क बनाने की तैयारी
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
Updated Fri, 17 Oct 2014 09:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को अमली जामा पहनाने की तैयारियां सरकार ने शुरू कर दी हैं। इसके तहत नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) देश में 500 मेगावाट की 25 सौर ऊर्जा परियोजनाएं (सोलर पार्क) लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन सोलर पार्कों की स्थापना पर कुल 4,050 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। जवाहर लाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन (जेएनएनएसएम) के तहत इन पार्कों की स्थापना प्राइवेट सेक्टर और राज्य सरकारों के साथ मिलकर की जाएगी।
विज्ञापन
सूत्रों का बताना है कि प्रस्ताव के मुताबिक देश में 25 सोलर पार्कों की स्थापना अगले पांच वर्षों में करने की योजना है। कॉरपोरेट सेक्टर और राज्य सरकारों के साथ मिलकर इन पार्कों की स्थापना के लिए अपनाए जाने वाले किसी भी मॉडल में निजी कंपनियों की भागीदारी 49 फीसदी से अधिक नहीं रखी जाएगी। मंत्रालय द्वारा तैयार पहले मॉडल के तहत परियोजनाओं की स्थापना के लिए राज्य सरकारों को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। इसमें राज्य सरकारें भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) के दिशा-निर्देशन और देखरेख में सोलर पार्कों का प्रबंधन करेंगी।
विज्ञापन
सोलर पार्कों की स्थापना के लिए मंत्रालय द्वारा सुझाए गए सभी मॉडलों में परियोजना के लिए मूलभूत ढांचे संबंधी जरूरतें पूरी करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर ही रहेगी। मंत्रालय ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि सोलर पार्कों की स्थापना के लिए बिजली-पानी की आपूर्ति और निर्माण का काम राज्य सरकारों द्वारा ही कराया जाएगा। इसके अलावा सोलर पार्क की स्थापना के लिए जमीन का चुनाव करने और उसे उपलब्ध कराने का जिम्मा भी राज्य सरकारों पर ही होगा।
विज्ञापन
प्रस्ताव के मुताबिक सोलर पार्क ऐसे स्थानों पर ही स्थापित किए जाएंगे, जहां पांच एकड़ प्रति मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करने लायक सूर्य ताप (इनसोलेशन) उपलब्ध हो। परियोजनाओं के लिए राज्य सरकारों से निष्प्रयोज्य और गैर कृषि भूमि को प्राथमिकता देने की बात भी प्रस्ताव में कही गई है, ताकि सोलर पार्कों के लिए भूमि अधिग्रहण आसानी से किया जा सके। साथ ही परियोजनाओं के लिए डेवलपरों को आकर्षित करने के लिए जमीन के दाम कम से कम रखने की बात भी प्रस्ताव में कही गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि सोलर पार्क के लिए अगर निजी भूमि के अधिग्रहण की जरूरत पड़ती है, तो मंत्रालय कम से कम कीमत में भूमि अधिग्रहण करना चाहेगा।
मंत्रालय ने सौर पार्कों के लिए धन जुटाने के तरीकों का उल्लेख भी अपने प्रस्ताव में किया है। इसके तहत परियोजनाओं का काम करने वाली एजेंसी पार्क के लिए डेपवलरों को जमीन का आवंटन या बिक्री करके धन जुटा सकेगी। एलाटमेंट की दर की सालाना आधार पर समीक्षा करने की बात भी प्रस्ताव में कही गई है। प्रस्ताव के मुताबिक एजेंसी एकमुश्त रजिस्ट्रेशन शुल्क भी वसूल सकेंगी।