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एलपीजी जैसा हुआ मोबाइल कनेक्शन का हाल

Mon, 03 Dec 2012 12:25 AM IST
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया Updated Mon, 03 Dec 2012 12:25 AM IST
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mobile connection is operational in three to seven days

नया मोबाइल कनेक्शन लेना अब एलपीजी कनेक्शन हासिल करना जैसा जटिल हो गया है। दरअसल, ग्राहकों की पहचान के सत्यापन करने के दूरसंचार विभाग के नए नियमों पर अमल शुरू होने के बाद हालात चरमरा गए हैं। खासकर प्री पेड कनेक्शन लेने में ग्राहकों के पसीने छूट रहे हैं।

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आमतौर पर चार से पांच घंटे में चालू होने वाले कनेक्शन तीन से सात दिन में चालू हो रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के मामले में मोबाइल कंपनियों ने हाथ खड़े कर लिए हैं। नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा परेशानी ग्राहकों को झेलनी पड़ रही है। दूरसंचार विभाग के नए नियम एक महीने पहले लागू किए गए थे, मगर हालात अभी तक नहीं सुधरे हैं।
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नए नियमों के मुताबिक ग्राहकों की पहचान को पड़ताल करने में कंपनियों के पसीने छूट रहे हैं। इससे कंपनियों की उपभोक्ता सेवा की भी पोल खुल गई है। मगर कंपनियां सरकार के नए नियमों का हवाला देकर अपनी खामियां छिपाने में जुटी हुई हैं। शुरू में तो नए मोबाइल कनेक्शन मिलने ही बंद हो गए थे। मगर अब कनेक्शन तो मिल रहे हैं, लेकिन चालू होने में हफ्ता लग रहा है।
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दूरसंचार विभाग के नए नियमों के मुताबिक एक आदमी नौ से ज्यादा कनेक्शन नहीं ले सकता। ग्राहकों को नया कनेक्शन लेने के लिए दूसरा नंबर देना होगा। जिस पर फोन करके ग्राहक का सत्यापन होगा। आपको खुद आवेदन फार्म भरना होगा। इसके बाद कंपनी के कॉल सेंटर में फोन करके अपना सत्यापन कराना होगा। आपकी ओर से भरे फॉर्म में दी गई सूचना से संबंधित पांच सवाल कॉल सेंटर से पूछे जाएंगे।

पांच में से तीन सवाल के जवाब सही देने पड़ेंगे। वहीं सत्यापन होने के बाद कंपनी के सीनियर अधिकारी को ग्राहक के फॉर्म पर दस्तखत करने होंगे। एक बड़ी कंपनी का मोबाइल कनेक्शन लेने वाली आरती कुमारी कहती है कि उनका मोबाइल कनेक्शन एक हफ्ते बाद चालू हुआ। इसके चलते उन्हें बेहद परेशानी हुई।

मोबाइल सेवा कंपनियों के संघ सेल्यूलर ऑपरेटर एसोसिएशन के महानिदेशक राजन मैथ्यू का कहना है कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया है। आतंकी घटनाओं के बाद सुरक्षा के लिए यह कदम उठाए गए हैं। नए नियमों को लागू करने में तीन से सात दिन लगना स्वाभाविक है। मैथ्यू ने बताया कि कंपनियों ने दूरसंचार विभाग से कुछ और वैकल्पिक प्रक्रिया सुझाई है। जिससे कनेक्शन चालू होने में कम समय लग सकता है। मगर अभी इस सिलसिले में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

सेवा सुधारकर स्थिति सुधार सकती हैं कंपनियां
-टेलकॉम विशेषज्ञ सुधीर उपाध्याय कहते हैं कि कंपनियां अपनी कस्टमर सेवा को सुधारकर कनेक्शन मिलने में देरी को कम कर सकती है। मगर कंपनियां इसमें ध्यान नहीं दे रही है। वह सरकार पर नियम बदलने पर ज्यादा कसरत कर रही है।


छात्र-छात्राओं को लगा झटका
-एक ग्राहक को नौ से ज्यादा कनेक्शन नहीं देने के नियम से कॉलेज के छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक झटका लगा है। ज्यादातर देखा गया था कि युवा सस्ती फोन सेवा के लिए अलग-अलग कंपनियों का कनेक्शन रखते हैं। नए नियम से उन्हें परेशानी होने लगी है।

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