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कॉल रेट बढ़ने में हमारा कसूर नहीं: कपिल सिब्बल

Thu, 04 Jul 2013 12:16 AM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Thu, 04 Jul 2013 12:16 AM IST
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mobile call rate hike not my fault says kapil sibal

पिछले कुछ महीनों के दौरान टेलीकॉम कंपनियों ने मोबाइल कॉल दरों में कई बार बढ़ोतरी की है। इस पर संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल का कहना है कि मौजूदा समय में टेलीकॉम कंपनियों की वित्तीय स्थिति इसके लिए जिम्मेदार है।

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अगले एक साल के दौरान यह स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। फ्री-रोमिंग, गांवों को ब्रॉड बैंड से जोड़ने की एनओएफएन योजना, सीएजी, यूनिफाइड लाइसेंस आदि पर संवाददाता रक्षित सिंह की कपिल सिब्बल से खास बातचीत के अंश:
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सवाल: आपने फ्री-रोमिंग की वकालत की थी, लेकिन ट्राई ने रोमिंग मुफ्त नहीं की। रोमिंग मुफ्त करने की दिशा में आगे कैसे बढ़ेंगे?
जवाब: फ्री-रोमिंग टेलीकॉम नीति का हिस्सा है, जो कहती है कि शुल्क शून्य होना चाहिए। लेकिन, ऐसे मसलों पर हमें ट्राई की राय लेनी होती है और ऐसा ही हमने किया। ट्राई ने एक बड़ा प्रासंगिक बिंदु उठाया है कि रोमिंग शुल्क हटाने का फायदा अमीर ग्राहकों को मिलेगा, जो देश भर में घूमते हैं और रोमिंग सुविधा का उपयोग करते हैं। अगर आप उन्हें फ्री-रोमिंग देते हैं और उससे टेलीकॉम ऑपरेटरों के आर्थिक मॉडल पर असर पड़ता है, तो वह कॉल रेट बढ़ाएंगे, जिसका असर अन्य मोबाइल ग्राहकों पर पड़ेगा। लिहाजा, मेरा मानना है कि अंतरिम तौर पर जो ट्राई ने किया है वह ठीक है। हम फ्री-रोमिंग का अपना वादा आंशिक तौर पर पूरा करने में कामयाब रहे हैं।
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सवाल: तो, ऐसे माहौल में हम रोमिंग पूरी तरह से मुफ्त होने की उम्मीद कब तक कर सकते हैं?

जवाब: जब टेलीकॉम कंपनियों के नुकसान कम होंगे और वह बेहतर प्रदर्शन करेंगी तो रोमिंग फ्री हो जाएगी।

सवाल: पिछले कुछ महीनों के दौरान कॉल रेट में लगातार इजाफा हुआ है। आपकी क्या राय है इस बारे में?
जवाब: हमारा दोष नहीं है इसमें। उद्योग की मौजूदा समय में क्या स्थिति है, सब जानते हैं। लेकिन, इसके बावजूद भारत में मोबाइल कॉल रेट दुनिया भर में सबसे कम हैं। हम टेलीकॉम उद्योग के रिवाइवल के लिए जुटे हुए हैं और यह हो भी रहा है। अगले एक साल के दौरान उम्मीद है कि स्थिति बेहतर होगी।

सवाल: यूनिफाइड लाइसेंस, जिससे सभी सेवाएं जैसे डीटीएच, ब्रॉडबैंड, मोबाइल आदि एक साथ मिल सकेंगी, कब तक आने की उम्मीद है?
जवाब: मेरा मानना है कि अगले 2-3 सप्ताह के दौरान यूनिफाइड लाइसेंसिंग हो जाएगी।

सवाल: डाक विभाग ने बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है। डाकघरों को बैंक बनाने की योजना पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे?
जवाब: अगर आरबीआई सैद्धांतिक तौर पर अपनी मंजूरी देता है, तो फिर मैं कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव रखूंगा। मैं उम्मीद करता हूं कि कैबिनेट इस पर मेरा समर्थन करेगी, क्योंकि यही एक जरिया है जिससे हम आम आदमी तक पहुंच सकते हैं।

सवाल: डाक विभाग को ज्यादा उपयोगी और आगे बढ़ाने के लिए क्या योजना है?

जवाब: डाक विभाग में कोर बैंकिंग सेवा शुरू हो गई है, डीबीटी ट्रांसफर हो रहे हैं, मनरेगा के पेमेंट हो रहे हैं। डाक विभाग अब एक नए सफर पर है। मंत्री पद संभालने के बाद से मैंने डाक विभाग की छवि और कार्य प्रणाली को बेहतर करने के लिए काम किया है। इस विभाग को कभी उतनी आशावादी दृष्टि से नहीं देखा गया, लेकिन अब हम इसे बेहद तेजी के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब हमें डाक विभाग की अहमियत का पता चल रहा है और हम देख रहे हैं कि किस तरह से यह आम आदमी तक अपनी पहुंच बना रहा है।


सवाल: ग्राम पंचायतों को ब्रॉड बैंड से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट एनओएफएन की प्रगति कैसी है?
जवाब: धीमी। मैं निराश हूं। यह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिससे मैं खुश नहीं हूं। इस पर मैं बहुत जल्द बैठक बुलाने जा रहा हूं। मुझे लगता है कि इस प्रोजेक्ट के लिए कुछ कड़े कदम उठाने होंगे। यह ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसे लेकर मैं बेहद विक्षुब्ध हूं। निर्णय तो हम लेते हैं, लेकिन इसे पूरा नौकरशाहों को करना होता है।

सवाल: सीएजी लगातार डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम पर दबाव बनाए हुए है और विभिन्न मसलों और फैसलों से जुड़ी जानकारी मांग रही है। आपकी राय?
जवाब: सीएजी इसके लिए अधिकृत है और मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है।

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