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एक करोड़ से ज्यादा मकान खाली, फिर भी करोड़ों बेघर

Sat, 22 Sep 2012 09:41 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 22 Sep 2012 09:41 PM IST
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millions homeless while a million houses stand empty
देश में करोड़ों मकान खाली पड़े हैं फिर भी आम आदमी के लिए घर खरीदना महंगा होता जा रहा है। यही है प्रॉपर्टी बाजार का मकड़जाल। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक देश के शहरों में एक करोड़ 78 लाख मकानों की कमी है जबकि एक करोड़ से ज्यादा मकान खाली पड़े हैं।
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शहरों में रहने वाले कुल 8.11 करोड़ परिवारों में से 1.87 करोड़ परिवारों के पास रहने की उचित जगह नहीं है। शहरों में आवास की कमी पर आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की ओर से गठित तकनीकी समूह की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री कुमारी शैलजा ने शनिवार को इस रिपोर्ट को जारी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र आवासीय योजनाओं के लिए राज्यों को मदद दे रही है। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2007 में शहरी भारत में 2.47 करोड़ मकानों की कमी थी जो अब घटकर 1.87 करोड़ रह गई है। खाली पड़े मकानों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अकेले महाराष्ट्र में ही 22 लाख मकान खाली हैं।
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तकनीकी समूह के अध्यक्ष प्रो. अमिताभ कुंडू का कहना है कि यह विडंबना है कि जिस देश में करोड़ों लोगों के पास रहने लायक जगह भी नहीं हैं वहां एक करोड़ दस लाख मकानों में कोई रहने वाला नहीं है। मतलब साफ है कि उच्च वर्ग के लोग जरूरत के बगैर मकान खरीद रहे हैं जिससे बनावटी मांग पैदा होती है और आम आदमी के लिए घर खरीदना महंगा होता जा रहा है। कुंडू ने सरकार को सस्ते और छोटे मकानों को बढ़ावा देने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मकानों की सबसे ज्यादा कमी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों में है।

यूपी में सबसे ज्यादा मकानों की कमी
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के शहरों में सबसे ज्यादा मकानों की कमी है। यहां करीब 31 लाख परिवारों के पास रहने की सही जगह नहीं है। इसके बाद महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का नंबर आता है। दिल्ली में 4.9 लाख, हरियाणा में 4.2 लाख, पंजाब में 3.9 लाख और हिमाचल प्रदेश में 40 हजार शहरी आवासों की कमी है।


किराए पर घर देगी सरकार!
शैलजा का कहना है कि सरकार लोगों को किराए पर भी घर मुहैया कराना चाहती है। मौजूदा आवास योजनाओं में किराए के घर को शामिल करने की तैयारी चल रही है। किराए के घर की योजना के लिए केंद्र सरकार राज्यों को आर्थिक सहायता देने को तैयार है।
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