फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   middle class people can only service previl service of private hospital

मिडिल क्लॉस सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों में करा सकेगा इलाज!

Sat, 28 Feb 2015 06:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 28 Feb 2015 06:18 PM IST
विज्ञापन
middle class people can only service previl service of private hospital

बजट 2015 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किए आवंटित राशि से विशेषज्ञ खुश्ा नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने 125 करोड़ लोगों के लिए सिर्फ 33,500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है जोकि नाकाफी है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि सरकार नहीं चाहती है कि मध्यम वर्ग के लोग इलाज के लिए अपना रूख प्राइवेट हॉस्पिटल की तरफ करें।

विज्ञापन


गौरतलब है कि सरकार ने बजट में हेल्थ इंश्यारेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट की सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दी है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए कर दी गई है।
विज्ञापन


पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट अमित सेन गुप्ता का कहना है कि सरकार की तरफ से मध्यम वर्ग के लोगों को एक तरह की सुविधा प्रदान की गई है कि वह प्राइवेट अस्पतालों में जाकर अपना इलाज करवा सके। यह एक तरह से तरीका निकाला गया है कि मध्यम वर्ग के लोग इंश्यारेंस कवर के जरिए अपना इलाज करा सकें। जो लोग आसानी से इंश्यारेंस कवर ले सकते हैं, उन्हें इस स्कीम से फायदा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक भी सरकार अब स्वास्थ्य क्षेत्र पर अपने निवेश को घटाकर इंश्यारेंस सेक्टर के भरोसे मध्यम वर्ग का इलाज करवाने की योजना बना रही है। सरकार के इस कदम से हेल्थ इंश्यारेंस सेक्टर में बहुत ज्यादा तेजी आने की उम्मीद है।


पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के श्रीनाथ रेड्डी ने बताया कि हेल्थ सेक्टर को कम बजट आवंटन के जरिए यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को पूरा नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed