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बीएसएनएल-एमटीएनएल के विलय पर लग सकता है ब्रेक

Thu, 19 Jun 2014 09:19 AM IST
प्रशांत श्रीवास्तव, नई दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव, नई दिल्ली Updated Thu, 19 Jun 2014 09:19 AM IST
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merger of bsnl and mtnl  plan may hold

टेलीकॉम मंत्रालय के नए एजेंडे के अनुसार वह दोनों कंपनियों को नए सिरे से मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। इस बात के संकेत मंगलवार को दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी दे दिए थे। उन्होंने कहा था कि नई सरकार पूरी तरह से दोंनो कंपनियों को मजबूत करने के पक्ष में हैं।

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मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के लिए जो प्राथमिकताएं तय की गई हैं, उनमें दोनों कंपनियों के विलय की फिलहाल कोई योजना नहीं है। टेलीकॉम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार टेलीकॉम मंत्री ने साफ तौर पर दोनों कंपनियों को मजबूत करने के लिए उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने को कहा है। साथ ही ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं को बेहतर करने पर दोनों कंपनियों को फोकस होगा। अधिकारी के अनुसार दोनों कंपनियों के तरफ से अपने रिवाइवल को लेकर टेलीकॉम मंत्री को प्रेजेटेंशन भी दिया गया है। साथ ही रिवाइवल के लिए किन नई चीजों को लागू किया जा सकता है, इसकी भी मांग मंत्रालय द्वारा की गई है।

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घाटे से जूझ रही हैं दोंनो कंपनियां

बीएसएनएल जो दिल्ली और मुंबई सर्किल को छोड़कर देश के सभी सर्किल में टेलीकॉम सेवाएं दे रही हैं, उसे वित्त वर्ष 2012-13 में करीब 7,784 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि दिल्ली और मुंबई में सेवाएं देने वाली एमटीएनएल को करीब 4,109 करोड़ रुपये का घाटा इस अवधि में हो चुका है। घाटे से उबरने के लिए बीएसएनएल ने देश भर में अपनी रीयल एस्टेट प्रॉपर्टी को बेचने की योजना तैयार कर रखी है।

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मंत्रालय का एजेंडा

मोदी सरकार दोनों कंपनियों को मजबूत करने के पक्ष में

कंपनियों के रिवाइवल प्लान की होगी नए सिरे से समीक्षा

नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नीति जल्द लाने की तैयारी

स्पेक्ट्रम शेयरिंग, विलय व अधिग्रहण पर फैसला जल्द

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) पर जल्द फैसला

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